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कैसे आसान बनाये कॉम्पिटिटिव एग्जाम की तैयारी

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आजकल आपने देखा होगा हर बड़े शहर से लेकर हर छोटे शहर तक कॉम्पिटिटिव एग्जाम की धूम मची हुई है और इन कॉम्पिटिटिव एग्जाम्स में एनालिटिकल प्रश्नों का दौर भी बढ़ता जा रहा है । अब इसमें जीतता वही है जो उत्साह के साथ आगे बढ़ने और चुनौतियों का सामना करने को रेडी होता है। इसमें एक बात बहुत जरुरी है की कॉम्पिटिटिव एग्जाम की तैयारी करते वक्त किसी भी विषय या टॉपिक को रटने की बजाय उसे समझने पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए, जिससे की हम उसे गहराई से समझकर अपने व्यावहारिक नजरिए को भी विकसित करें सके । जो की आपको आगे काफी हेल्प करेगा | जिससे आप किसी भी परिस्थिति में पूरे आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ पाएंगे और इस तरह का पॉजिटिव एटीट्यूड आपके जीवन में सफलता पाने के लिए जरूरी है। इसी प्रकार का पॉजिटिव एटीट्यूड कॉरपोरेट दुनिया के लिए भी आवश्यक हो गया है ।

दोस्तों तैयार हो जाइये कॉम्पिटिटिव एग्जाम में अपना परचम लहराने के लिए, मैं आपको पॉइंट-वाइज कुछ टिप्स दे रहा हूँ । जोकि आपकी स्टडी को निखारने में एक विशेष भूमिका अदा करेगी |

कॉन्सेप्ट / टॉपिक / सब्जेक्ट की समझ

आपने अपने कई दोस्तों को देखा होगा । जिनमे से कुछ तो बिलकुल किताबी कीड़े होते है, जो अपना हर वक्त किताबों के साथ ही बिताते हैं। कुछ ऎसे जो किताबी कीड़े ना होकर कम समय की पढ़ाई कर अच्छे नंबर हासिल कर लेते है । क्योकि उनके पास अंडरस्टैंडिंग होती है पर्टिकुलर सब्जेक्ट या टॉपिक को समझने की । अगर आपने पड़ने के कांसेप्ट को समझ लिया तो फिर आपको कभी भी किसी टॉपिक को रटने की जरुरत नहीं पड़ेगी । कई बार एक ही चीज को दोहराकर आप उसे रट तो सकते हैं, लेकिन इससे आप अपनी नॉलेज और पर्सनैलिटी की ग्रूमिंग नहीं करा सकते।

राइट टाइम टेबल बनाये

कई बार ऐसा होता है की हम बड़े जोश में आकर बड़े मोटीवेट होकर बड़ी प्लानिंग करते है की आज से में 6 से 7 घंटे लगातार पढ़ाई करूँगा । इस हफ्ते तो में इस सब्जेक्ट का ये सिलेबस कम्पलीट कर ही लूंगा । इस बुक को 4 दिन में पड़ लूंगा । पूरी एनर्जी लगाते है टाइम टेबल बनाने में । फर्स्ट डे हम बड़े जोश के साथ बैठते है पर थोड़ी देर ही बाद बुक से ज्यादा कमरो की दीवारो में इंट्रेस्ट आने लग जाता है । कोई फ्रेंड याद आ जाता है । इसी तरह कई दिन बीत जाते है और एट दि एंड ऑफ़ दि डे हमारा मकसद पूरा नहीं हो पाता । इसीलिए एक सही टाइम टेबल बनाये, जिसके लिए "थिंक बिग बट स्टार्ट स्माल" का फार्मूला अपनाये । अपनी बॉडी और माइंड को समय दे उस आदत में डालने का । जैसे पहले दिन आप केवल 20 मिनट पढ़ाई करे और फिर ब्रेक ले, दूसरे दिन 30 मिनट फिर ब्रेक, तीसरे दिन 50 मिनट फिर ब्रेक इसी तरह आगे के दिन बढ़ाते जाये । और आप देखने की धीरे-धीरे प्रयास करके अपने उस मकसद को पूरा कर लिया है अब आप बिना डिस्ट्रक्श अपनी स्टडी में कंसंट्रेट कर पा रहे है |

पिक कंसंट्रेशन टाइम

हम सबकी बॉडी और माइंड अलग-अलग है, इसलिए हम सबका कोई एक इम्पोर्टेन्ट कंसंट्रेशन टाइम जरूर होता है, तब हमारी कंसंट्रेशन बेस्ट होती है । यानि की हम बहुत आसानी से कोई टॉपिक को समझ सकते है बिना किसी डिस्ट्रक्शन के | कोई सुबह ज्यादा कंसन्ट्रेट कर पाता है तो कोई रात को ज्यादा कंसन्ट्रेट कर पाता है . किसी के लिए इवनिंग का टाइम सही होता है तो किसी के लिए आफ्टरनून इस बेटर टाइम । आपको देखना है की आपके हिसाब से कौन सा ऐसा टाइम है जिसमे आपकी कंसंट्रेशन सबसे ज्यादा पिक पर रहती है . उस टाइम को अपने टाइम टेबल में स्टडी टाइम जरुर रखो क्यूंकि ये वही टाइम है जिसमें आप कम समय में ज्यादा पढके अपना टाइम सेव कर पाओगे और बाकी एक्टिविटीज के लिए अपना टाइम निकल पाओगे |

पर्याप्त नींद

अगर हमारी नींद पूरी नहीं होती तो हमारा किसी काम में मन नहीं लगता । पूरा दिन कब बीत गया उबासी और आलस के साथ पता भी नहीं चलता । पर्याप्त नींद ना लेने से हमारे बॉडी के काम करने की क्षमता कम हो जाती है और माइंड की कंसंट्रेशन पावर भी कम हो जाती है । जिससे किसी भी चीज़ में ध्यान नहीं लगता ।  आमतौर पर हमारी बॉडी को एवरेज 7 से 8 घंटे की नींद चाहिए | अगर आपकी नींद पूरी होगी तो आप क्लास में ज्यादा ध्यान लगा पाओगे . जब आप पढाई करने बैठोगे तो ज्यादा ओब्सेर्व कर पाओगे . आपके माइंड की कंसंट्रेशन आपको जगाने की जगह बाकी एक्टिविटीज में रहेगी । और हा ये 7 से 8 घंटे की नींद रात को सोते वक़्त ही लेनी है पढ़ाई करते वक़्त नहीं |

टाइम मैनेजमेंट सीखे  

ऑब्जेक्टिव टाइप के प्रश्नों में टाइम मैनेजमेंट अहम होता है। यह एक दिन में संभव नहीं है। यह तभी संभव है, जब आप इसका अभ्यास करते हैं। आपके लिए बेहतर होगा कि निर्धारित समय-सीमा के अंदर प्रश्नों को हल करने का अभ्यास करें। इससे परीक्षा हॉल में किसी तरह की परेशानी नहीं होगी।

सही स्टडी मटेरियल का चुनाव

अगर आपके पास पढ़ने की सही चीज नहीं है यानि की आप किसी विषय को खत्म करने के लिए शॉर्टकट अपना रहे हैं तो ये सही नहीं है। इससे आप सीधे पूछे गए प्रश्नों को तो आसानी से हल कर पाएँगे लेकिन कंसेप्ट पर बने प्रश्न आपके लिए पहेली बनकर रह जाएँगे। इसलिए सही किताबों का चुनाव कीजिए। अगर आप सब्जेक्ट के आधार पर पढ़ाई कर रहे हैं तो उस सब्जेक्ट से संबंधित पूरा डेटा इकट्ठा कर लें। उसमें किताबें, नोट्स, नेट से जानकारी आदि सभी शामिल है। किसी टॉपिक में दिक्कत आ रही है आप इंटरनेट से भी सीख सकते हैं । इंटरनेट पर बहुत सी वेबसाइट्स है जो हर सब्जेक्ट के बारे में अच्छा कंटेंट रखती है।

सेहत का रखे ख्याल

एक स्वस्थ शरीर में ही एक स्वस्थ मन निवास करता है, जितना स्वस्थ आपका शरीर होगा, उतने ही आप एक्टिव और आत्मविश्वास से भरे रहेंगे | ये सच है की आप जितना ज्यादा समय अपनी तैयारी को देंगे उतना बेहतर परिक्षा में कर पाएँगे। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि मनोरंजन के लिए भी आपके पास समय न हो। सही पढ़ाई के लिए दिमाग का तरोताजा होना भी बहुत जरूरी है। इसके लिए आप नियमित रुप से व्यायाम भी कर सकते हैं जिससे आपका शरीर और दिमाग दोनों ही फिट रहेंगे। नियमिंत व्यायाम करने से दिमाग चुस्त रहता है चीजो को याद रखने की क्षमता बढती है। ज्यादा नहीं तो सिर्फ 30 मिनट का मॉर्निंग वॉक ही करे । समय पर पोष्टिक आहार ले। स्ट्रेस फ्री होकर एग्जाम की तैयारी करें। पढ़ाई करते समय बीच-बीच में ब्रेक ले। थोड़ा म्यूजिक सुने और आराम करें।

एक सही कोचिंग संस्थान का चयन करे

किसी भी कॉम्पिटिटिव एग्जाम में सफलता हासिल करने के लिए एक कोचिंग संस्थान में शामिल होना जरुरी है। इससे आपकी पढ़ाई नियमित रहती हैं और आप को रिजनिंग आदि की ट्रिक्स पता चलती है। क्योंकि आप कितने भी पढाई में समर्थ हो लेकि‍न एक सही मार्गदर्शन एक प्रोफेश्नल्स ही दे सकते है।

नोट्स बनाकर करे पढ़ाई

अगर आप रेगुलर पढ़ाई कर रहे हैं तो नोट्स बनाना ना भूले। एग्जाम की तैयारी करते समय यह जरूरी है जो भी आपने पढ़ा या समझा है उसके नोट्स बनाए। क्योंकि आप जो भी पढ़ रहे हैं वह कुछ दिन बाद आप भूल सकते हैं। इसके लिए नोट्स आसान भाषा में बनाये और अच्छा यह होगा की स्टूडेंट खुद इसे बनाये। क्योंकि किसी और के बनाएं नोट्स की तुलना में स्वयं द्वारा बनाएं नोट्स अच्छी तरह से समझ आते हैं। नोट्स बनाने का मतलब यह नहीं कि आप पूरी बुक ही लिख दे। पहले उसे पूरा पढ़ें और मैन पॉइंट्स को लिखे और आपको जो समझ में आया है उसे अपनी भाषा में लिखे । किसी भी टॉपिक को लिखने के साथ साथ बोल कर उसे अपने स्मार्टफोन से रिकॉर्ड कर ले ! एग्जाम के समय या जब भी टाइम मिले अपने स्मार्ट फोन से आप सुनकर पढ़ाई कर सकते है ! नोट्स बनाने से रिवीजन के समय आप उन टॉपिक्स को पुनः याद कर सकते हैं जिसे आप भूल गए हैं।

वीकली एग्जाम देना शुरू कर दे

ज्यादातर स्टूडेंट्स कॉम्पिटिटिव एग्जाम क्लियर ही नहीं कर पाते हैं क्योंकि वह एग्जाम में ज्यादा क्वेश्चन एटेम्पट ही नहीं कर पाते हैं। वीकली एग्जाम रेगुलर देने से यह कमी भी दूर हो जाती है। कॉम्पिटिटिव एग्जाम क्लियर करने के लिए सबसे जरुरी है कि आप पुराने प्रश्न पत्र सॉल्व करें और एग्जाम टाइम लिमिट में पूरा करे । सॉल्व करने के बाद अपने गलत उत्तर व सही उत्तर का मूल्यांकन कर नंबर दें। जिससे आपको पता चल सके कि आप कहां कमजोर है और किस टॉपिक पर मेहनत करनी है । सेल्फ कॉन्फिडेंस और नॉलेज चेक करने के लिए वीकली एग्जाम कराए जाते हैं जिसमें स्टूडेंट्स का एग्जाम से डर खत्म हो जाता है और एग्जाम मे जल्दी से सवालों को सॉल्व करना भी सीख जाते हैं। इंटरनेट पर एग्जाम से रिलेटेड टेस्ट भी होते है जिसे आप सॉल्व कर प्रेक्टिस कर सकते हैं।

परीक्षा से पहले रिलेक्स हो जाये

कई लोग परीक्षा शुरु होने के कुछ घंटो पहले बहुत ज्यादा पढाई करते हुए दिखाई देते हैं या दिमाग पर जोर देते हैं। ये करना बहुत गलत है, क्योकि ऐसा करने से परीक्षा के समय आप घबरा जाते हैं। इसलिए परीक्षा के कुछ घंटों पहले ही किताबों को दूर कर दें और दिमाग को रिलेक्स करें। परिक्षा के दिन अपने आप को बिलकुल शांत रखें। किसी भी तरह की घबराहट को अपने दिल और दिमाग में जगह न दें। बस यही सोचें कि जो भी मैंने पढ़ा है वो मुझे याद है और उसके सहारे मैं इस परीक्षा में अपना 100 प्रतिशत जरूर दूँगा/दूँगी।

प्रश्नपत्र को ध्यान पूर्वक पढ़ें

जब भी आप कोई परीक्षा देते हैं तो उत्तर लिखना शुरू करने से पहले, प्रश्नपत्र को कम से कम दो बार ध्यानपूर्वक पढ़ लें | यह सुनिश्चित कर लें कि प्रश्न क्या है और उसका सही उत्तर क्या होगा | कई बार घबराहट में हम प्रश्न समझ ही नहीं पाते और गलत उत्तर लिख देते हैं |

खूब सारा पानी पिए

विज्ञान इस बात को प्रमाणित कर चुका है कि शरीर में जल का स्तर जितना अधिक रहता है, उतना ही हमारा मस्तिष्क अधिक कुशलता के साथ कार्य करता है | इस लिए अधिक मात्रा में पानी पीना चाहिये | पढ़ाई करते समय अपने पास पानी की एक बोतल रखनी चाहिए | अगर संभव हो तो परीक्षा केंद्र (Examination Centre) में भी अपने साथ एक पानी की बोतल ले कर जायें और समय-समय पर पानी पीते रहें |

संतुलित भोजन करें

एक पुरानी कहावत है जैसा अन्न , वैसा मन, जिसका अर्थ है कि व्यक्ति जैसा अन्न खाता है वैसा ही उसका मन और शरीर बनता है | यह बहुत ज़रूरी है कि आप संतुलित भोजन लें | कोल्ड ड्रिंक्स और पिज़्ज़ा व बर्गर जैसे जंक फ़ूड से बचें | भोजन का सही तरीका है कि आप सुबह का नाश्ता भारी , दोपहर का भोजन उससे हल्का और रात का भोजन उससे भी हल्का लें | यदि संभव हो तो रात के भोजन में केवल सलाद (Salad) और द्रव्य पदार्थ (Liquids) ही लें |

आज के इस भागदौड़ भरी ज़िंदगी में हर व्यक्ति प्रथम स्थान पर आना चाहता है | हर व्यक्ति सफल होना चाहता है और आगे बढ़ना चाहता है | सफ़लता की परिभाषा हर किसी के लिए अलग अलग हो सकती है और होनी भी चाहिए | जब भी हम छोटी छोटी सफलताएं अर्जित करते हैं तो हमारा आत्मविश्वास  बढ़ता चला जाता है ,परन्तु जब हमें किसी हार का सामना करना पड़ता है तो हम हतोत्साहित हो जाते हैं | जीवन में उतार-चढ़ाव तो आम बात है, अगर जीवन में उतार-चढ़ाव न हों तो जीवन रसहीन हो जाता है | इसलिए जीवन में असफलताओं का होना भी उतना ही महत्वपूर्ण है जितना की सफलताओं का | असफलताओं से लड़ते हुए जब आदमी सफ़लता प्राप्त करता है, तभी वह उसका भरपूर आनंद ले सकता है |

जीवन में सफ़लता प्राप्त करने की लिए यह अति आवश्यक है कि हम अपने मन को असफलता के डर से ग्रसित न होने दें | क्योंकि जिस व्यक्ति की मन में यह भय बैठ जाता है की वह जीवन में कुछ नहीं कर पाएगा, तो फिर उसके लिए सफल होना कठिन हो जाता है | इसलिए यह बहुत ज़रूरी है कि हम इस तरह की मानसिकता का त्याग आज और अभी कर दें |

आपके उज्जवल भविष्य के लिए हार्दिक शुभकामनाएँ ।

From

Anshik Handa

Professional Speaker & Expert


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