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| संस्कृत के प्रकांड विद्वान प्रभुनाथ द्विवेदी को उनकी रचना ‘कनकआलोचना’ के लिए साल 2014 का प्रतिष्ठित साहित्य अकादमी पुरस्कार दिया गया है। ‘कनकआलोचना’ में 16 लघु कहानियां हैं, जो समाज को खोखला करने वाले विभिन्न सामाजिक मुद्दों पर आधारित हैं।
मिर्जापुर निवासी प्रभुनाथ द्विवेदी की यह चौथी रचना है. इससे पहले उन्होंने समाज में प्रचलित मुद्दों पर आधारित तीन पुस्तकें लिखी. द्विवेदी ने तीन दशक से ज्यादा समय तक विश्वविद्यालयों में शिक्षण कार्य किया.
कवि व आलोचक आदिल जुस्सावाला सहित अन्य विजेताओं के नामों की घोषणा दिसंबर 2014 में की गई थी। आदिल को उनकी कविता की किताब 'ट्राइंग टू से गुडबाय' के लिए पुरस्कृत किया गया है। |