Visitors online: 003

साहित्य अकादमी पुरस्कार 2014 के लिए नामित संस्कृत विद्वान प्रभुनाथ द्विवेदी

Home » Current Affairs

संस्कृत के प्रकांड विद्वान प्रभुनाथ द्विवेदी को उनकी रचना ‘कनकआलोचना’ के लिए साल 2014 का प्रतिष्ठित साहित्य अकादमी पुरस्कार दिया गया है।  ‘कनकआलोचना’ में 16 लघु कहानियां हैं, जो समाज को खोखला करने वाले विभिन्न सामाजिक मुद्दों पर आधारित हैं।

 

मिर्जापुर निवासी प्रभुनाथ द्विवेदी की यह चौथी रचना है. इससे पहले उन्होंने समाज में प्रचलित मुद्दों पर आधारित तीन पुस्तकें लिखी. द्विवेदी ने तीन दशक से ज्यादा समय तक विश्वविद्यालयों में शिक्षण कार्य किया.  

कवि व आलोचक आदिल जुस्सावाला सहित अन्य विजेताओं के नामों की घोषणा दिसंबर 2014 में की गई थी। आदिल को उनकी कविता की किताब 'ट्राइंग टू से गुडबाय' के लिए पुरस्कृत किया गया है। 

सभी विजेताओं को यह पुरस्कार साहित्य अकादमी द्वारा यहां आयोजित फेस्टिवल ऑफ लेटर्स के दौरान दिया जाएगा। 

इस पुरस्कार के तहत एक उत्कीर्ण ताम्र पत्र, एक शॉल तथा एक लाख रुपये का चेक प्रदान किया जाएगा। 
साहित्य अकादमी से संबंधित तथ्य
• साहित्य अकादमी की स्थापना 12 मार्च 1954 को गयी थी.
• अकादमी का मुख्यालय नई दिल्ली में है. इसके चार क्षेत्रीय कार्यालय कोलकाता, बंगलौर, चेन्नई और मुंबई में है.
• अकादमी ने वर्ष 2013 में अपनी स्थापना के 60 वर्ष पूरे होने पर स्वर्ण जयंती समारोह मनाया.
• साहित्य अकादमी के अध्यक्ष विश्वनाथ प्रसाद तिवारी अकादमी के पहले ऐसे अध्यक्ष है, जिनका संबंध हिंदी भाषा साहित्य से है.


न्यूज़पेपर में दिया गया जॉब कोड दिए गए    Textbox में दर्ज करे और जॉब सर्च करे



Quick Links