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•प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई प्रधानमंत्री जनधन योजना के तहत पूरे देश में पांच महीने से भी कम समय के भीतर साढ़े ग्यारह करोड़ बैंक खाते खोले जाने की उपलब्धि को गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में दर्ज किया गया है। इस साल 26 जनवरी तक 7.5 करोड़ बैंक खाते खोलने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस योजना की सफलता के लिए राज्य सरकारों को बधाई दी है।
•इसकी जानकारी देते हुए वित्तमंत्री अरुण जेटली ने कहा कि पिछले वर्ष 28 अगस्त को इस योजना को लागू करते समय 26 जनवरी तक साढ़े सात करोड़ खाते खाेलने का लक्ष्य रखा गया था। इसमें न केवल ग्रामीण इलाकों के घरों को शामिल किया गया था बल्कि शहरी इलाकों काे भी लक्ष्य में रखा गया था। जेटली ने कहा कि इस योजना की सफलता के पीछे जो केंद्र की सोच थी उसको लोगों तक पहुंचाने में हम सफल हुए हैं। उन्होंने कहा कि इस योजना को सफल बनाने में न सिर्फ केंद्र की भूमिका सराहनीय है बल्कि राज्य सरकारों ने भी इसमें बढ़चढ़कर काम किया है। वित्तमंत्री ने कहा कि इस योजना की सफलता के बाद केंद्र के लिए इससे जुड़े खातेदारों द्वारा खातों को चालू रखवाना एक बड़ी चुनौती है। उनके मुताबिक इस योजना के तहत खोले गए महज 28 फीसद खाते ही चालू हैं। इस योजना के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि इसके तहत पांच हजार की ओवरड्राफ़ट सुविधा है, साथ ही इसके तहत मिलने वाले रुपये कार्ड काफी फायदे का सौदा है। इन सभी के अलावा इस पर मिलने वाला एक लाख का एक्सीडेंट इंश्योरेंस कवर भी लोगों को काफी फायदे का सौदा लगा है।•प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई प्रधानमंत्री जनधन योजना के तहत पूरे देश में पांच महीने से भी कम समय के भीतर साढ़े ग्यारह करोड़ बैंक खाते खोले जाने की उपलब्धि को गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में दर्ज किया गया है। इस साल 26 जनवरी तक 7.5 करोड़ बैंक खाते खोलने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस योजना की सफलता के लिए राज्य सरकारों को बधाई दी है।
•इसकी जानकारी देते हुए वित्तमंत्री अरुण जेटली ने कहा कि पिछले वर्ष 28 अगस्त को इस योजना को लागू करते समय 26 जनवरी तक साढ़े सात करोड़ खाते खाेलने का लक्ष्य रखा गया था। इसमें न केवल ग्रामीण इलाकों के घरों को शामिल किया गया था बल्कि शहरी इलाकों काे भी लक्ष्य में रखा गया था। जेटली ने कहा कि इस योजना की सफलता के पीछे जो केंद्र की सोच थी उसको लोगों तक पहुंचाने में हम सफल हुए हैं। उन्होंने कहा कि इस योजना को सफल बनाने में न सिर्फ केंद्र की भूमिका सराहनीय है बल्कि राज्य सरकारों ने भी इसमें बढ़चढ़कर काम किया है। वित्तमंत्री ने कहा कि इस योजना की सफलता के बाद केंद्र के लिए इससे जुड़े खातेदारों द्वारा खातों को चालू रखवाना एक बड़ी चुनौती है। उनके मुताबिक इस योजना के तहत खोले गए महज 28 फीसद खाते ही चालू हैं। इस योजना के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि इसके तहत पांच हजार की ओवरड्राफ़ट सुविधा है, साथ ही इसके तहत मिलने वाले रुपये कार्ड काफी फायदे का सौदा है। इन सभी के अलावा इस पर मिलने वाला एक लाख का एक्सीडेंट इंश्योरेंस कवर भी लोगों को काफी फायदे का सौदा लगा है।
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