|
|
|
| संयुक्त राष्ट्र के महासचिव बान की-मून ने शांति रक्षक गतिविधियों की समीक्षा से संबंधित समिति में भारतीय समाजशास्त्री सरस्वती मेनन को नियुक्त किया है।
मेनन के पास एक शोधकर्ता और शिक्षाविद् के साथ-साथ संयुक्त राष्ट्र की कार्यप्रणाली का भी पर्याप्त अनुभव है। मद्रास यूनिवर्सिटी की पूर्व व्याख्याता मेनन को महिलाओं और विकास से संबंधित मुद्दों पर खासा अनुभव है। वह संयुक्त राष्ट्र की महिलाओं से संबंधित विभाग की निदेशक और संयुक्त राष्ट्र के विकास कार्यक्रम की समीक्षा दफ्तर में निदेशक रह चुकी हैं। वह मंगोलिया और नेपाल में संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम के तहत भी जिम्मेदारी निभा चुकी हैं। उन्होंने दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (जेएनयू) से समाजशास्त्र में शोध किया है। संयुक्त राष्ट्र की इस सात सदस्यीय समिति के अन्य सदस्यों में पाकिस्तान के रिटायर्ड मेजर जनरल अनीस बाजवा और फ्रांस के चार्ल्स पेट्री भी शामिल हैं। बान ने इस समिति का गठन महासभा और सुरक्षा परिषद के अध्यक्षों के अनुरोध पर किया है। समिति का नाम 'एडवाइजरी ग्रुप ऑन द रिव्यू ऑफ द पीसबिल्डिंग आर्किटेक्चर' है।
पिछले साल दिसंबर में महासभा और सुरक्षा परिषद ने मून से शांति व्यवस्था कायम करने के लिए सलाहकार समूह गठित करने का आग्रह किया था। यह समिति बुरुंडी, मध्य अफ्रीकी गणराज्य, दक्षिण सूडान और पूर्वी तिमोर के हालात की समीक्षा करेगी। इसके अलावा समिति संस्थागत ढांचों की समीक्षा कर सुझाव भी सौंपेगी। |