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खादी और ग्रामोद्योग निगम (केवीआईसी) के डायरी और कलैंडर पर महात्मा गांधी की तस्वीर को हटाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर लगाने पर विवाद शुरू हो गया है और विपक्षी दलों ने इस मामले में पीएम मोदी और केंद्र सरकार पर निशाना साधा। वहीं सरकार और भाजपा ने विवाद को अनावश्यक करार देकर खारिज कर दिया।
प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने कहा कि विवाद गैरजरूरी है क्योंकि केवीआईसी में ऐसा कोई नियम नहीं है कि इसके डायरी और कलैंडर में केवल गांधीजी की तस्वीर होनी चाहिए। केवीआईसी के अध्यक्ष वीके सक्सेना ने इस कदम का बचाव करते हुए कहा कि इस तरह का कोई नियम या परिपाटी नहीं है कि इन चीजों पर केवल महात्मा गांधी की तस्वीर प्रकाशित की जा सकती है।
खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी) के कैलेंडर और डायरी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर प्रकाशित करने के कदम का बचाव करते हुए केवीआईसी अध्यक्ष वीके सक्सेना ने कहा कि ऐसा कोई नियम या परंपरा नहीं है कि इन वस्तुओं पर सिर्फ महात्मा गांधी की तस्वीर ही प्रकाशित की जा सकती है। इस तरह के आरोपों का खंडन करते हुए सक्सेना ने दावा किया कि प्रधानमंत्री की अपील ने दरअसल खादी की बिक्री को बढ़ावा देने में मदद की और अंतत: लाखों खादी बुनकरों की मदद की।
सक्सेना ने कहा, Сमैं पहले यह पूछना चाहता हूं कि क्या कोई गांधीजी की जगह ले सकता है। क्या गांधीजी का कद इतना छोटा है कि उन्हें इतनी आसानी से हटाया जा सकता है। उन्हें कभी हटाया नहीं जा सकता है। यह समूचा विवाद गैर जरूरी है और संदर्भ से परे है। ऐसा कोई नियम या परंपरा नहीं है कि हम अपने कैलेंडर या कवर डायरी पर सिर्फ गांधीजी की तस्वीर प्रकाशित कर सकते हैं। उनकी (गांधीजी) तस्वीर 2002, 2005, 2011, 2013 और 2016 में भी नहीं प्रकाशित की गई थी।Т केवीआईसी संसद के कानून के तहत स्थापित एक वैधानिक निकाय है। सक्सेना को केंद्र ने अक्तूबर 2015 में केवीआईसी का अध्यक्ष नियुक्त किया था।
भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि एक गैरजरूरी मुद्दे को बेवजह तुल दिया जा रहा है। इस बारे में प्रकाशित खबरों पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए संबित ने संवाददाताओं से कहा, Сयह गलत है।Т कांग्रेस और गांधी परिवार पर निशाना साधते हुए भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि राष्ट्रपिता के चित्र के संबंध में उनका प्यार केवल करेंसी नोटों तक ही सीमित है और इतने वर्षों तक उन्होंने गांधी के नाम का दुरूपयोग ही किया।
संबित पात्रा ने कहा, Сप्रधानमंत्री गांधीजी के दर्शन को बढ़ावा दे रहे हैं और राष्ट्रपिता का दर्शन अब घर-घर पहुंच रहा है। एक पार्टी ऐसी है जिसने इतने वर्षों तक गांधी के नाम पर शासन किया। वे खुद को गांधी कहते हैं जबकि उनका महात्मा गांधी से कोई संबंध नहीं है।Т उन्होंने कहा कि खादी के प्रोत्साहन के लिए गठित सरकारी निकाय केवीआईसी के जरिये खादी की बिक्री इतने वर्षों तक 2 से 7 प्रतिशत थी लेकिल पीएम मोदी के प्रयासों से यह 35 प्रतिशत से अधिक हो गई।
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