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डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को अमेरिका के 45वें राष्ट्रपति के तौर पर शपथ ली जिसके साथ ही उनके चार साल के उस कार्यकाल की विधिवत शुरुआत हो गई जिससे लोगों की बहुत उम्मीदें जुड़ी हैं। लोगों की उम्मीदों को ही ध्यान में रखते हुए ट्रंप ने कहा कि "अमेरिका फर्स्ट" (अमेरिका सबसे पहले) उनकी सरकार का मूलमंत्र होगा और सत्ता वाशिंगटन से जनता को हस्तांतरित की जाएगी।
ट्रंप (70) ने नेशनल मॉल में सर्द मौसम के बीच करीब आठ लाख लोगों के समक्ष शपथ ली। राष्ट्रपति चुनाव में ट्रंप ने हिलेरी क्लिंटन को पराजित किया था। उन्होंने अब्राहम लिंकन की बाइबल पर अपन बायां हाथ रखकर पद की शपथ ली और इसके साथ ही वह उस कुर्सी पर आसीन हो गए जो दुनिया में सबसे शक्तिशाली कही जाती है। प्रधान न्यायाधीश जॉन रॉबर्ट्स ने उनको शपथ दिलाई।
राष्ट्रपति पद की शपथ लेने के बाद यूएस कैपिटोल से दिए अपने पहले संबोधन में ट्रंप ने देशवासियों से वादा किया कि देश का फिर से ऐसा निर्माण किया जाएगा कि वह वापस सपने संजो सके और वहीं अमेरिका फर्स्ट उनके शासन का मूलमंत्र होगा। ट्रंप ने धरती से कट्टरपंथी इस्लामी आंतकवाद का सफाया करने का संकल्प लिया और दुनिया को विश्वास दिलाया कि उनकी सरकार दूसरे देशों पर अपना शासन नहीं थोपेगी।
उन्होंने अपने 16 मिनट के संबोधन में कहा, हम साथ मिलकर अमेरिका और दुनिया की कार्यप्रणाली तय करेंगे जो आने वाली कई वर्षों के लिए होगी। हम चुनौतियों का सामना करेंगे, हम कठिनाइयों का सामना करेंगे, लेकिन अपना पूरा करेंगे। अपने प्रचार अभियान का परोक्ष रूप से हवाला देते हुए ट्रंप ने कहा कि अमेरिका की राजधानी में कुछ लोगों ने लंबे समय तक सरकार का फायदा उठाया, लेकिन लोगों को कीमत चुकानी पड़ी। वाशिंगटन समृद्ध हो गया, लेकिन लोगों ने इसकी समृद्धि को साझा नहीं किया।
ट्रंप ने कहा, नेता समृद्ध हुए, लेकिन लोगों की नौकरियां चली गईं और फैक्टरियां बंद हो गईं। प्रशासनिक प्रतिष्ठान ने खुद की रक्षा की, लेकिन हमारे देश के नागरिकों की रक्षा नहीं की। उनकी जीत आपकी नहीं रहीं। उनकी खुशहाली आपकी खुशहाली नहीं रही। जब उन्होंने हमारे देश की राजधानी में जश्न मनाया तो पूरे देश में संघर्ष कर रहे परिवारों के लिए जश्न मनाने के लिए बहुत मामूली चीजें थीं। उन्होंने बंदूक की हिंसा, मादक पदार्थ और अपराध सहित देश के सामने खड़ी समस्याओं का निदान करने का संकल्प लेते हुए कहा, हम वाशिंगटन डीसी से सत्ता का हस्तांतरण कर रहे हैं और इसे अमेरिकी जनता के हाथों में सौंप रहे हैं।
बराक ओबामा की मौजूदगी में ट्रंप ने इस बात पर जोर दिया, अमेरिकी संहार यहीं रूकेगा और अभी रूकेगा। उन्होंने कहा, ये सारे बदलाव यहीं और अभी से हो रहे हैं क्योंकि यह क्षण आपका क्षण है। अमेरिका के नए राष्ट्रपति ने कहा, खोखली बातों का दौर अब बीत गया। काम का समय आ गया है। उन्होंने उस राष्ट्रीय गौरव का संकल्प लिया जो दूरियों को पाटने का काम करेगा।
देश को एकजुट बनाए रखने के प्रयास के तहत ट्रंप ने कहा कि यह मायने नहीं रखता कि सरकार पर किस पार्टी का नियंत्रण है, बल्कि यह मायने रखता है कि क्या सरकार पर जनता का नियंत्रण है। उन्होंने कहा, 20 जनवरी, 2017 को एक ऐसे दिन के तौर पर याद किया जाएगा जब जनता फिर से देश की शासक बन गई। ट्रंप ने कहा, हमारे देश में भूले जा चुके पुरुष और महिलाएं अब नेपथ्य में नहीं रहेंगे। अब आपको हर कोई सुन रहा है। आप लाखों की संख्या इस ऐतिहासिक क्षण का हिस्सा बनने आए हैं जिसे दुनिया ने पहले कभी नहीं देखा।
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