|
|
मध्यप्रदेश के छोटे शहर खंडवा की गलियों में जिंदगी गुजारने वाला लड़का अाज ऑस्ट्रेलिया का कामयाब बिजनेसमैन है। उसकी रियल लाइफ किसी फिल्मी स्टोरी से कम नही है। उसके शेरू से आॅस्ट्रेलिया के सारू ब्रायली बनने के 35 साल बाद उसके सफर और संघर्ष पर हॉलीवुड मूवी "लॉयन" रिलीज हो चुकी है और गोल्डन ग्लोब अवार्ड के बाद फिल्म ऑस्कर अवार्ड के लिए नॉमिनेट हो चुकी है।
24 फरवरी को इंडिया में रिलीज होने वाली इस फिल्म लॉयन काे गर्थ डेविस ने डायरेक्ट किया है। स्लम डॉग मिलेनियर फेम इंडियन एक्टर देव पटेल ने इसमें सारू का रोल किया है। जिसके लिए वे बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर के अवॉर्ड के लिए नॉमिनेट हुए हैं। मूवी में हॉलीवुड एक्ट्रेस निकोल किडमैन ने सारू की मां का और रूनी मारा देव के अपोजिट हैं। फिल्म आॅस्ट्रेलिया में 19 जनवरी और इंग्लैंड में 21 जनवरी को रिलीज के बाद ही सुर्खियां बटाेर चुकी है।
खंडवा के गणेश तलाई में रहने वाला शेरू पिता मौसीन खान 5 साल की उम्र में परिवार से बिछड़ गया था। 1988 में खंडवा रेलवे स्टेशन से ट्रेन में बड़े भाई गुड्डू के साथ वह बुरहानपुर जा रहा था। रास्ते में नींद आ जाने पर ट्रेन से ही गलती से कोलकाता पहुंच गया। यहां लावारिस हालत में उसे भटकते देख एनजीओ ने उसे चाइल्ड केयर में रखा। जहां से उसे ऑस्ट्रेलिया की ब्रियरली दंपति ने गोद लिया था।
होश संभालने के बाद से वह अपने असल परिवार से मिलने की ख्वाहिश मन में पाले हुए था। ऐसे में उसने टेक्नोलॉजी की मदद ली और गूगल मैप समेत कई साेशल मीडिया ग्रुप्स के जरिए परिवार को खोजने की कोशिश जारी रखी। काफी सालों की जद्दोजहद के बाद आखिरकार उसने अपने परिवार को खोज ही निकाला। इसका जिक्र उसने अपनी किताब अ लांग वे होम में भी किया था।
|