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उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों के लिए समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच गठबंधन मुलायम सिंह यादव को पसंद नहीं आया है। मुलायम ने रविवार को कहा कि वह सपा-कांग्रेस गठबंधन के खिलाफ हैं और वह इस गठबंधन के लिए प्रचार नहीं करेंगे। मुलायम ने कहा कि सत्ता में आने के लिए कांग्रेस ने सपा का सहारा लिया है। सपा अकेले ही 300 से ज्यादा सीटें जीत सकती है।
मुलायम ने कहा, कांग्रेस ने लंबे समय तक देश पर शासन किया और इसे पीछे ले गई। हम हमेशा कांग्रेस के खिलाफ लड़े। अखिलेश द्वारा पार्टी अध्यक्ष के पद से हटाए जाने से पहले मुलायम ने विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस के साथ गठबंधन की संभावना से इंकार किया था।
उन्होंने कहा, समाजवादी पार्टी अकेले चुनाव लड़ने में सक्षम है। पहले भी उसने अकेले चुनाव लड़ा और बहुमत की सरकार बनाई। किसी मौके पर गठबंधन की जरूरत नहीं पड़ी। मुलायम और अखिलेश के बीच विवाद का निपटारा चुनाव आयोग के अखिलेश के पक्ष में करने के बाद सपा संरक्षक ने अपने 38 उम्मीदवारों की सूची बेटे को सौंपी थी लेकिन अलग से उम्मीदवार नहीं उतारने का फैसला किया था।
उन्होंने कहा, हमारे जो नेता हैं जिनके टिकट कटे हैं वो अब क्या करेंगे? पांच साल के लिए तो मौका गंवा दिया। मैं इस समझौते के खिलाफ हूं। उन्होंने कहा कि वह समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच गठबंधन के खिलाफ हैं और वह इस गठबंधन के लिए प्रचार नहीं करेंगे। मुलायम ने कहा, मैं सपा-कांग्रेस गठबंधन के प्रचार के लिए कहीं नहीं जाऊंगा। सपा अकेले चुनाव लड़ने और जीतने में सक्षम है। उसे किसी के साथ गठबंधन करने की जरूरत नहीं है।
सपा-कांग्रेस में अलायंस के बाद रविवार को पहली बार अखिलेश यादव और राहुल गांधी ने रोड शो किया। 12 किमी की यूपी विजय रथ यात्रा में करीब 10 हजार लोग शामिल हुए। इससे पहले दोनों ने साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान यहां "यूपी को ये साथ पसंद है" चुनावी स्लोगन भी लॉन्च किया गया। बता दें कि यूपी में कांग्रेस 105 और सपा 298 सीट पर चुनाव लड़ रही है।
रोड शो में राहुल ने कहा- मोदी जी, काला धन वापस नहीं ला सके। ना अच्छे दिन आए ना काला धन आया और ना ही अकाउंट में 15 लाख आए। राहुल ने कहा- हिन्दुस्तान से भष्टाचार भी खत्म नहीं हुआ। मोदी ने गरीबों की इज्जत भी नहीं रखी। अखिलेश की सरकार बनेगी तो युवा मुख्यमंत्री आएगा। अखिलेश मोदी नहीं, जो सिर्फ मन की बात करें। अखिलेश अपने मन की बात नहीं जनता के मन की बात सुनते हैं।
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