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अब राजनीतिक पार्टी किसी एक आदमी से सिर्फ 2000 रुपये तक ही कैश में चंदा ले सकती है। चंदे के रूप में बड़ी रकम चेक या डिजिटल पेमेंट के जरिए ली जा सकती है। अब 2 हजार रुपए से ज्यादा के चंदे का हिसाब राजनीतिक पार्टियों को देना होगा। यानी अब राजनीतिक दल 2000 से अधिक चंदा ऑनलाइन या चेक के तौर पर ही ले सकते हैं।
केंद्रीय वित्त और कॉर्पोरेट मामलों के मंत्री अरुण जेटली ने आज संसद में आम बजट 2017-18 प्रस्तुत करते हुए कहा कि राजनीतिक पार्टी एक व्यकित से अधिकतम दो हजार रुपए का नगद चंदा ले सकती है। राजनीतिक दलों की वित्त पोषण प्रणाली में पारदर्शिता लाने के कदमों के बारे में बताते हुए वित्त मंत्री ने प्रस्ताव किया कि राजनीतिक दलों को चंदा लेने में सुविधा के लिए बैंक चुनावी बांड जारी करेंगे। अपने बजट भाषण में वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि राजनीतिक पार्टिंयां चैक या डिजिटल माध्यम से चंदा प्राप्त करने की पात्र होंगी। उन्होंने कहा कि प्रत्येक राजनीतिक पार्टी को निर्धारित समय सीमा के भीतर आय कर रिटर्न भरना होगा।
राजनीतिक पार्टियों की वित्त पोषण प्रणाली में सुधार लाने के महत्वपूर्ण कदम के बारे में जेटली ने कहा कि राजनीतिक दलों को चंदा देने के लिए जल्द ही अधिकृत बैंकों से चुनावी बांड जारी किए जाएंगे। वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार जल्द ही इस संबंध में एक योजना का ढांचा तैयार करेगी और चुनावी बांड जारी करने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक अधिनियम में संशोधन करने का प्रस्ताव किया गया है। उन्होंने कहा कि चंदा देने वाले केवल चैक और डिजिटल भुगतान कर मान्यता प्राप्त बैंकों से बांड खरीद सकते हैं। उन्होंने कहा कि निर्धारित समय सीमा के भीतर पंजीकृत राजनीतिक पार्टी के निर्धारित बैंक खाते में ये बांड परिशोध्य होंगे।
इससे पहले राजनीतिक दलों को अपनी आय में से 20 हजार से कम के चंदे को घोषित करने से छूट मिली हुई थी। अभी हाल ही में आई एडीआर की रिपोर्ट के मुताबिक राजनीतिक दलों की कुल घोषित आय 11,367.34 करोड़ बताई गई थी जिसमें से 7,832.98 करोड़ रुपये की आय का जरिया अघोषित था। यानी ये 20-20 हजार रुपये के कम के चंदे बताए गए थे जिनका रिकॉर्ड रखना या बताना उनके लिए जरूरी नहीं था।
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