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तमिलनाडु में राजनीतिक पारा गर्माया जा रहा है, कल रविवार AIADMK विधायक दल की बैठक में शशिकला नटराजन को विधायक दल की नेता चुन लिया गया है। खास बात यह रही कि मुख्यमंत्री ओ. पनीरसेल्वम ने वी. के. शशिकला के नाम का प्रस्ताव अन्नाद्रमुक विधायक दल के नेता के रूप में किया। ओ. पनीरसेल्लवम ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। अब शशिकला नटराजन का तमिलनाडु का मुख्यमंत्री बनना तय हो गया है।
शशिकला के तमिलनाडु के मुख्य़मंत्री बनने की घोषणा पर कार्यकर्ताओं में हर्षोेल्लास दिखाई दिया। ओ. पनीसेल्लवम ने जनता को धन्यवाद दिया। शशिकला ने कहा कि सरकार अम्मा के सिद्धांतोें को फॉलो करेगी। सूत्र बताते हैं कि राज्य के तीन वरिष्ठ नौकरशाहों से शुक्रवार को इस्तीफा देने के लिए कहा गया था। जिन लोगों से इस्तीफा मांगा गया था उनमें राज्य सरकार की मुख्य सलाहकार शीला बालाकृष्णन भी थीं। शीला को जयललिता का सबसे भरोसेमंद अधिकारी माना जाता है।
इससे पहले ओ. पनीरसेल्वम से मुख्यमंत्री पद की कमान शशिकला द्वारा लिए जाने से जुड़ी खबरों के बारे पूछे जाने पर एक वरिष्ठ नेता ने कहा था, "यह आपकी कल्पना और कयासबाजी है।" लोकसभा उपाध्यक्ष एम थंबीदुरई समेत अन्य ने मुख्यमंत्री पद पर शशिकला को बैठाए जाने का समर्थन किया था।गौरतलब है कि गत वर्ष पांच दिसंबर को मुख्यमंत्री जयललिता के निधन के बाद शशिकला को पार्टी का महासचिव बनाया गया था। शशिकला लगभग तीन दशक तक जयललिता की करीबी सहयोगी रही हैं और उन्हें हमेशा अन्नाद्रमुक में सत्ता के केंद्र के रूप में देखा जाता रहा है।
सूत्रों के मुताबिक, AIADMK पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता के देहांत के बाद पार्टी में उपजे सत्ता के दो केंद्रों का विवाद खत्म करना चाहती थीं, पार्टी इसके लिए अब शशिकला को सीएम बनाकर विवाद हल करना चाह रही थीं। शशिकला को राज्य की कमान मिलने संकेत काफी पहले ही मिल गए थे, जब पार्टी की ओर से जारी की गई प्रेस विज्ञप्तियों में उन्हें चिनम्मा (छोटी अम्मा) कहकर संबोधित किया गया है, बता दें कि राज्य में पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता को उनके समर्थक आदर भाव से अम्मा कह कर पुकारते थे।
गत वर्ष 5 दिसंबर को मुख्यमंत्री जयललिता के निधन के बाद शशिकला को पार्टी का महासचिव बनाया गया था। शुक्रवार को शशिकला ने वरिष्ठ नेताओं को पार्टी के प्रमुख पदों पर नियुक्त किया था जिनमें कुछ पूर्व मंत्री और एक पूर्व मेयर भी शामिल हैं।
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