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नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को लोकसभा में नोटबंदी, इकोनॉमी, आम बजट, रेल बजट, कालेधन, सर्जिकल स्ट्राइक और टैक्स जैसी सभी मुद्दों पर विपक्ष के सवालों के जवाब दिए। स्पीच की शुरुआत में ही उन्होंने राहुल गांधी पर तंज कसा। उन्होंने कहा- आखिर भूकंप आ ही गया। मैं सोच रहा था कि भूकंप आया कैसे? धमकी तो बहुत पहले सुनी थी। कोई तो कारण होगा कि धरती मां इतनी रूठ गई होगी।
मोदी के इतना कहते ही अपोजिशन की ओर से हंगामा होने लगा। मोदी ने भगवंत मान पर भी चुटकी ली। मोदी ने कहा, ''चार्वाक का सिद्धांत विपक्ष ने मान लिया। चार्वाक में कहा गया है- 'यावत जीवेत, सुखम जीवेत। ऋणं कृत्वा, घृतं पीवेत'। यानी जब तक जियो सुख से जियो, उधार लो और घी पियो। उस समय ऋषियों ने घी पीने की बात कही थी। शायद उस वक्त भगवंत मान नहीं थे। नहीं तो कुछ और पीने को कहते।''
राहुल ने 8 दिसंबर को कहा था- नोटबंदी हिंदुस्तान के इतिहास का सबसे बड़ा स्कैम है। मुझे बोलने नहीं दिया जा रहा है। मैं पूरी बात रखूंगा कि कैसे और किसे फायदा पहुंचाने के लिए ऐसा किया गया। बोलूंगा तो मोदीजी बैठ नहीं पाएंगे वहां। देखिएगा कैसे भूकंप आता है। पीएम संसद आने से डरते हैं।'
मोदी ने विपक्ष के इन सवालों के जवाब भी दिए
1. बजट का वक्त क्यों बदला?
मोदी का जवाब: "एक चर्चा यह आई कि बजट जल्दी क्यों पेश किया गया। भारत कृषि प्रधान देश है। हमारा पूरा आर्थिक कारोबार कृषि पर आधारित है। कृषि की ज्यादातर स्थिति दीपावली तक पता चल जाती है। हमारे देश की कठिनाई है कि अंग्रेजों की छोड़ी विरासत को लेकर चल रहे हैं। हम मई में बजट की प्रक्रिया से पार निकलते हैं। एक जून के बाद बारिश आती है। तीन महीने बजट का इस्तेमाल नहीं हो पाता। काम करने का समय कब बचता है। जब समय आता है तो दिसंबर से मार्च तक जल्दबाजी में काम होते हैं।'' बता दें कि पहले आम बजट 28 और 29 फरवरी को आता था। पहली बार 1 फरवरी को पेश किया गया।
2.नोटबंदी के दौरान क्यों बदले नियम
मोदी का जवाब:"कहा गया कि मैंने नोटबंदी में बार-बार नियम बदले। ये तो ऐसा काम था, जिसमें हम जनता की तकलीफ तुरंत समझने के बाद रास्ता खोजना पड़ा था। एक तरफ देश को लूटने वाले थे, दूसरी तरफ देश को ईमानदारी के रास्ते पर लाने वाले थे। लेकिन आप लोगों का जो बड़ा प्रिय कार्यक्रम है, उस पर आप पीठ थपथपा रहे हैं। देश आजाद होने के बाद 9 अलग-अलग नाम से योजना चली। आज उसे मनरेगा कहते हैं।'' ''देश और आपको जानकर आश्चर्य होगा कि इतने साल से चली योजना के बावजूद मनरेगा में 1035 बार नियम बदले गए। उसमें तो कोई लड़ाई नहीं थी। मनरेगा में भी क्यों 1035 बार परिवर्तन करने पड़े? एक्ट तो एक बार बन गया था। नियम बदले गए।''
3. नोटबंदी से कितना ब्लैकमनी वापस आया
मोदी का जवाब:"2014 से पहले सदन में आवाज आती थी कि स्कैम में कितना गया, अब आवाज आती है कि मोदी कितना लाया। यही तो बदलाव है।"
4. नोटबंदी पर पूछते हैं कि सीक्रेट क्यों रखा?
मोदी का जवाब-"नोटबंदी में पूछते हैं कि सीक्रेट क्यों रखा, कैबिनेट को क्यों नहीं बताया? लेकिन सर्जिकल स्ट्राइक के बारे में नहीं पूछते। सर्जिकल स्ट्राइक आपको परेशान कर रही है। इसलिए आपकी मुसीबत यह है कि पब्लिक में जाकर बोल नहीं पा रहे। आपको पीड़ा हो रही है। यह आपकी मुसीबत है।"
5. सर्जिकल स्ट्राइक क्यों की?
मोदी का जवाब-''अपने सीने पर हाथ रखकर पूछिए। सर्जिकल स्ट्राइक के पहले 24 घंटे में नेताओं ने क्या बयान दिए थे? जब उन्होंने देखा कि देश का मिजाज अलग है तो उन्हें अपनी भाषा बदलनी पड़ी। ये बहुत बड़ा निर्णय था।"
6. नोटबंदी का वक्त 8 नंवबर क्यों रखा?
मोदी का जवाब-"कई लोग सोच रहे थे मैंने नोटबंदी का यह फैसला इस वक्त क्यों लिया? मैं बताता हूं? उस हमारी इकोनॉमी मजबूत थी। कारोबार के लिए भी वक्त सही था। हमारे देश में सालभर में जितना व्यापार होता है उसका आधा दिवाली के समय ही हो जाता है। यह सही समय था नोटबंदी के लिए। जो सरकार ने सोचा था लगभग उसी हिसाब से सब चीजें चलीं। मैंने जो हिसाब-किताब कहा था, उसी प्रकार से गाड़ी चल रही है। इसलिए मैं बता दूं कि यह फैसला हड़बड़ी में नहीं लिया।"
7. डिजिटल इकोनॉमी क्यों लाए?
मोदी का जवाब-''2007 के बाद मैंने जितनी चुनावी सभाएं सुनीं, आपके नेता कहते रहे कि राजीव गांधी कम्प्यूटर क्रांति लाए। जब आज मैं कह रहा हूं कि मोबाइल फोन का इस्तेमाल बैंकिंग नेटवर्क में किया जा सकता है तो आप कह रहे हैं कि मोबाइल ही कहां हैं। तो आप क्या समझाना चाहते हैं?''
''अगर 40 फीसदी के पास भी मोबाइल है तो क्या उन्हें आधुनिक व्यवस्था की दिशा से जोड़ने का प्रयत्न क्यों नहीं होना चाहिए? आज एक-एक ATM को संभालने के लिए एवरेज 5 पुलिसवाले लगते हैं। करंसी को एक जगह से दूसरी जगह ले जाने के लिए काफी खर्च होता है। इसलिए जो लोग डिजिटल करंसी से जुड़ सकते हैं, उन्हें जोड़ना चाहिए।''
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