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गिरती क्रेडिट ग्रोथ और बढ़े डिपॉजिट को देखते हुए देश के प्रमुख बैंक होम, कार और पर्सनल लोन जैसे रिटेल लोन उम्मीद से ज्यादा सस्ते कर सकते हैं। उन्हें आज पेश होने वाली आरबीआई की मॉनिटरी पॉलिसी का इंतजार है। अगर आरबीआई रेपो रेट में कटौती करता है, तो बैंक डिमांड बढ़ाने के लिए रिटेल लोन में ज्यादा रियायत दे सकते हैं।
नोटबंदी के बाद बैंकों के पास काफी नगदी आ गई है।" - "क्रेडिट ग्रोथ भी रिकॉर्ड लेवल पर कम है। ऐसे में अगर आरबीआई रेपो रेट में कटौती करता है, तो बैंक रिटेल लोन में कहीं ज्यादा कटौती कर सकते हैं। ताकि उनकी डिमांड बढ़े।इकोनॉमिस्ट डी.एच.पई. पन्नंदिकर के मुताबिक, "इस वक्त बैंकों की डिपॉजिट ग्रोथ 15% के हाईलेवल पर है। जबकि क्रेडिट ग्रोथ गिरकर 5% पर आ गई है।" - "ऐसे में बैंकों के सामने रेट कट करने के अलावा कोई चारा नहीं है।"
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