Visitors online: 004

केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट में पेश किए मुद्दे, तीन तलाक पर उठाया सवाल

Home » Headlines

केंद्र ने गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में फैसले के वास्ते मुद्दों की सूची सौंपी जिसमें एक सवाल यह भी है कि क्या किसी व्यक्ति का धर्म का पालन और प्रचार करने की स्वतंत्रता का मौलिक अधिकार मुसलमानों में तीन तलाक, निकाह हलाला और बहुविवाह का संरक्षण करता है।
 
भारत के संवैधानिक इतिहास में पहली बार राजग सरकार ने मुसलमानों में प्रचलित ऐसी प्रथाओं का लैंगिक समानता, धर्मनिरपेक्षता और बाध्यकारी अंतरराष्ट्रीय नियमों जैसे आधारों पर शीर्ष अदालत में विरोध किया है। प्रधान न्यायाधीश जगदीश सिंह खेहर की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने केंद्र के प्रश्नों पर गौर किया और कहा कि ये संवैधानिक प्रश्न हैं जिन पर पांच सदस्यीय पीठ द्वारा ही विचार करने की जरूरत है।
 
पहला मुद्दा यह था कि क्या तीन तलाक, निकाह हलाला और बहुविवाह की प्रथाएं संविधान के अनुच्छेद 251 (1) के तहत संरक्षित हैं। यह अनुच्छेद कहता है, Сकानून व्यवस्था, नैतिकता और स्वास्थ्य तथा इस भाग के अन्य प्रावधानों की शर्त पर समान रूप से सभी व्यक्ति विवेक की स्वतंत्रता के हकदार हैं तथा उन्हें अपने धर्म का पालन करने एवं प्रचार करने का अधिकार है।Т 
 
तब केंद्र सरकार ने यह सवाल उठाया कि क्या धर्म का पालन और प्रचार करने के अधिकार अन्य उतने ही महत्वपूर्ण संविधान में प्रदत्त समता का अधिकार (अनुच्छेद 14) और जीवन जीने का अधिकार (21) के दायरे में आते हैं। तब उसने अनुच्छेद 13 का हवाला दिया जो कहता है कि यदि कोई कानून संवैधानिक योजना के अनुरूप नहीं है तो वह अमान्य है तथा उसने यह मुद्दा उठाया कि क्या मुस्लिम पर्सनल ला इस प्रावधान के हिसाब से संशोधनपरक है या नहीं।
 
इससे पहले, केंद्र ने अपने हलफनामे में लैंगिक समानता, धर्मनिरपेक्षता जैसे संवैधानिक सिद्धांतों, अंतरराष्ट्रीय नियमों तथा विभिन्न इस्लामिक देशों में प्रचलित धार्मिक परंपराओं एवं वैवाहिक कानूनों का हवाला देकर मुसलमानों की इन प्रथाओं का विरोध किया था। उसने कहा था, Сयह उल्लेख किया जाता है कि तीन तलाक, निकाह हलाला और बहुविवाह के मुद्दे पर लैंगिक इंसाफ तथा गैरभेदभाव, मर्यादा एवं समानता के बढ़ते सिद्धांत के आलोक में विचार करने की जरूरत है।Т
 


рдиреНрдпреВрдЬрд╝рдкреЗрдкрд░ рдореЗрдВ рджрд┐рдпрд╛ рдЧрдпрд╛ рдЬреЙрдм рдХреЛрдб рджрд┐рдП рдЧрдП    Textbox рдореЗрдВ рджрд░реНрдЬ рдХрд░реЗ рдФрд░ рдЬреЙрдм рд╕рд░реНрдЪ рдХрд░реЗ



Quick Links