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डोनाल्ड ट्रम्प एडमिनिस्ट्रेशन ने कोर्ट में फाइल किए डॉक्युमेंट्स में कहा है कि ट्रैवल बैन के रिव्यू करने के लिए किसी बड़ी पैनल की जरूरत नहीं है। हम जल्दी ही बैन को हटा लेंगे। ट्रम्प ने व्हाइट हाउस में साफ किया कि मुस्लिम देशों के लोगों की यूएस में एंट्री बैन करने वाले ऑर्डर की जगह दूसरा ऑर्डर अगले हफ्ते लाया जाएगा। ट्रैवल बैन के विरोध में वॉशिंगटन, न्यूयॉर्क, कैलिफोर्निया, मिनेसोटा समेत 20 राज्य आ चुके हैं। 27 जनवरी को ट्रम्प ने 7 मुस्लिम देशों के लोगों के अमेरिका आने पर बैन लगा दिया था। इसका अमेरिका समेत कई देशों में विरोध हो रहा था।
ट्रम्प एडमिनिस्ट्रेशन ने गुरुवार को डॉक्युमेंट्स में ये भी कहा, "प्रेसिडेंट ने ये साफ कर दिया है कि उनका मकसद देश की सिक्युरिटी है, न कि वक्त खपाने वाली किसी कानूनी कार्रवाई में फंसना।" बता दें कि पिछले हफ्ते 3 जजों की एक पैनल ने लोअर कोर्ट के एक फैसले को रद्द करने से मना कर दिया था। लोअर कोर्ट ने ट्रैवल बैन सस्पेंड करने की बात कही थी। 3 जजों के पैनल ने ट्रम्प एडमिनिस्ट्रेशन की प्रेसिडेंशियल अथॉरिटी और मकसद पर भी सवाल उठाए थे। हालांकि ट्रम्प एडमिनिस्ट्रेशन ने कोर्ट के फैसले को लेकर कहा था कि जज, ऑर्डर का मकसद समझ ही नहीं पाए।
ट्रम्प ने 7 मुस्लिम देशों के लोगों के इमिग्रेशन पर बैन लगाया था ट्रम्प ने 27 जनवरी को जिन 7 मुस्लिम देशों के लोगों के इमिग्रेशन पर बैन लगाया था, उनमें इराक, ईरान, लीबिया, सूडान, सीरिया, सोमालिया और यमन हैं। व्हाइट हाउस के चीफ ऑफ द स्टाफ रींस प्रीबस ने कहा था, हमने इन 7 देशों को चुना तो इसकी एक खास वजह है। कांग्रेस और ओबामा एडमिनिस्ट्रेशन, दोनों ने इन 7 देशों की पहचान कर रखी थी कि वहां खतरनाक आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम दिया जा रहा है। प्रीबस ने कहा था, अब आप कुछ अन्य ऐसे देशों की ओर भी इशारा कर सकते हैं जहां एक तरह की समस्याएं हैं, जैसे कि पाकिस्तान और कुछ अन्य देश। शायद हमें इसे और आगे ले जाने की जरूरत है। फिलहाल इन देशों में जाने और वहां से आने वाले लोगों की गंभीरता से जांच-पड़ताल की जाएगी।
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