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नेशनल फार्मास्युटिकल प्राइसिंग अथॉरिटी (NPPA) ने कहा है कि हॉस्पिटल और हार्ट स्टेंट बनाने वाली कंपनियों को इन स्टेंट की रेट लिस्ट अपनी वेबसाइट्स पर डालनी होगी। बता दें कि कुछ दिनों पहले सरकार ने हार्ट पेशेंट के इलाज में काम आने वाले स्टेंट की कीमत 85% तक कम कर दी थी। इसके बाद शिकायतें आ रही थीं कि कुछ हॉस्पिटल्स और कंपनियां कमी का बहाना बनाकर स्टेंट्स की मनचाही कीमत वसूल रही हैं।
NPPA का यह कदम सरकार द्वारा सस्ते किए गए स्टेंट का फायदा हर पेशेंट तक पहुंचाने के लिए उठाया गया है। गवर्नमेंट अथॉरिटी के ऑर्डर के मुताबिक- स्टेंट मेकर्स, मार्केटर्स, इम्पोटर्स और हॉस्पिटल्स को अपनी वेबसाइट पर मैक्सिमम रेट बताने होंगे। सरकार का कहना है कि ये फैसला पेशेंट को हो रही दिक्कतों और शिकायतों की वजह से लिया गया है। इस बारे में NPPA ने एक नोटिफिकेशन जारी किया है। अथॉरिटी ने साफ कहा है कि सभी हॉस्पिटल्स, नर्सिंग होम्स, क्लिनिक्स और कार्डिएक सेंटर्स (जहां हार्ट पेशेंट्स का इलाज होता है) को भी ये रेट लिस्ट अपनी वेबसाइट के होमपेज पर देनी होगी। इसके अलावा पेशेंट को दिए जाने वाले बिल पर भी कंपनी का नाम और तमाम जानकारियां देनी होंगी।
हार्ट के इलाज में इस्तेमाल होने वाले स्टेंट की कीमत 85% तक घटाने का ऑर्डर आते ही देश में इसकी किल्लत हो गई है। स्टेंट बनाने वाली कंपनियां और उनके डिस्ट्रीब्यूटर री-लेबलिंग के बहाने मार्केट से स्टेंट हटा रहे हैं। कई हॉस्पिटल में तो ऑपरेशन तक रोकने पड़ गए। फार्मास्यूटिकल डिपार्टमेंट के सेक्रेटरी जयप्रिय प्रकाश ने कहा कि ऐसे हथकंडे अपनाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। मरीजों को स्टेंट मुहैया कराने के लिए सरकार कदम उठा रही है। बता दें कि 13 फरवरी को हेल्थ मिनिस्ट्री ने नोटिफिकेशन जारी कर कोरोनरी स्टेंट्स 85% सस्ते कर दिए थे।
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