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HDFC बैंक, ICICI बैंक ने एक महीने में चार बार से अधिक धन जमा करने या निकासी पर न्यूनतम 150 रुपये शुल्क लगाना आज से शुरू किया वही एक्सिस बैंक ने भी इसी तरह का कदम उठाया है।
HDFC बैंक ने एक परिपत्र में कहा कि यह शुल्क बचत के साथ-साथ वेतन खातों पर भी लगेगा। यह आज से प्रभाव में आ गया है। परिपत्र के अनुसार साथ ही HDFC बैंक ने तीसरे पक्ष के लिये नकद लेनदेन की सीमा 25,000 रुपये प्रतिदिन तय की। इसके अलावा नकद रखरखाव शुल्क वापस लिया जाएगा। ये सभी आज से प्रभाव में आ गये हैं।
इस कदम को नकद लेन-देन को हतोत्साहित करने तथा डिजिटल भुगतान अभियान को गति देने के कदम के रूप में देखा जा रहा है। शून्य जमा वाले खातों के लिये अधिकतम चार बार मुफ्त नकद निकासी की सीमा जारी रहेगी और नकद जमा पर कोई शुल्क नहीं लगेगा। ICICI बैंक के मामले में शुल्क वही रहेंगे जो आठ नवंबर को नोटबंदी की घोषणा से पहले थी। कुछ अन्य मामलों में ऐसे शुल्क में वृद्धि की गयी है।
ICICI बैंक की वेबसाइट के अनुसार मूल शाखा (जहां खाताधारका का खाता है) में एक एक महीने में पहले चार लेन-देन के लिये कोई शुल्क नहीं लगेगा। उसके बाद प्रति 1,000 रुपये पर 5 रुपये का शुल्क लगाया जाएगा। यह समान महीने के लिये न्यूनतम 150 रुपये होगा। तीसरे पक्ष के मामले में सीमा 50,000 रुपये प्रतिदिन होगी।
कहीं भी नकद जमा के लिये ICICI बैंक 5 रुपये प्रति हजार (न्यूनतम 150 रुपये) शुल्क लेगा। वहीं नकद स्वीकार करने वाली मशीन में एक महीने में पहली बार नकद जमा मुफ्त होगा और उसके बाद 5 रुपये प्रति 1,000 रुपये शुल्क लगेगा। Axis बैंक में पहले पांच लेन-देन या 10 लाख रुपए नकद जमा या निकासी मुफ्त होगी। उसके बाद प्रति 1,000 रुपये पर 5 रुपये या 150 रुपये शुल्क जो भी अधिक हो, लगेगा। अभी यह पता नहीं चला है कि क्या सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने भी इसी प्रकार का कोई कदम उठाया है। इस बारे में संपर्क किये जाने पर एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि सरकार की तरफ से इस संदर्भ में बैंकों को कोई निर्देश नहीं मिला है।
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