Visitors online: 004

बाबरी मस्जिद विध्वंस: आडवाणी, उमा भारती, जोशी समेत 13 नेताओं चल सकता है केश, सुप्रीम कोर्ट सुना सकता है फैसला

Home » Headlines

अयोध्या में 1992 में विवादित राम जन्मभूमि-बाबरी ढांचा गिराये जाने के मामले में भाजपा के वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी, डॉ. मुरली मनोहर जोशी और उमा भारती जैसे आरोपियों के खिलाफ आपराधिक साजिश के आरोप हटाने के आदेश से जुड़े एक मामले में सुप्रीम कोर्ट आज बुधवार, 22 मार्च को फैसला सुना सकता है | 
 
इससे पहले 6 मार्च की सुनवाई में शीर्ष अदालत ने आडवाणी, उमा भारती और जोशी सहित कुल 13 आरोपियों के खिलाफ आपराधिक साजिश के आरोप हटाने के आदेश का परीक्षण करने का विकल्प खुला रखा था |
 
न्यायमूर्ति पी सी घोष और न्यायमूर्ति आर एफ नरीमन की पीठ ने कहा था कि विवादित ढांचा गिराये जाने की घटना के बाद दर्ज दो प्राथमिकी से संबंधित मामलों पर संयुक्त सुनवाई करने का आदेश देने का विकल्प भी है | पीठ ने कहा, तकनीकी आधार पर 13 व्यक्तियों को आरोप मुक्त किया गया था | आज, हम कह रहे हैं कि दोनों मुकदमों को क्यों नहीं हम एकसाथ कर देते और इनकी संयुक्त रूप से सुनवाई कराये | पीठ ने कहा, हम तकनीकी आधार पर आरोप मुक्त करना स्वीकार नहीं करेंगे और हम पूरक आरोप पत्र की अनुमति देंगे |
 
शीर्ष अदालत ने इस प्रकरण से संबंधित मामले की सुनवाई के दौरान मौखिक रूप से ये टिप्पणियां की और फिर इसे 22 मार्च के लिये सूचीबद्ध कर दिया. हालांकि, दोनों प्राथमिकियों को एक में मिलाने का आरोपियों के वकील ने विरोध किया और कहा कि दोनों मामलों में अलग अलग व्यक्ति आरोपी हैं और इनके मुकदमों की सुनवाई अलग अलग स्थानों पर काफी आगे बढ़ चुकी है |
 
वकीलों का कहना था कि इन मामलों की संयुक्त सुनवाई का मतलब नये सिरे से कार्यवाही शुरू करना होगा | इस मामले में आडवाणी, जोशी और उमा भारती सहित 13 व्यक्तियों को आपराधिक साजिश के आरोप से मुक्त कर दिया गया था | इस मामले की सुनवाई रायबरेली की विशेष अदालत में हो रही है |
 
दूसरा मामला अज्ञात कारसेवकों के खिलाफ है जो विवादित ढांचे के इर्द गिर्द थे और इस मुकदमे की सुनवाई लखनऊ में हो रही है. दिसंबर, 6, 1992 को विवादित ढांचा गिराने के मामले में भाजपा नेता आडवाणी, जोशी और 19 अन्य के खिलाफ साजिश के आरोप खत्म करने के आदेश के विरुद्ध हाजी महबूब अहमद (अब मृत) और सीबीआई ने अपील दायर की थी |
 
सुनवाई के दौरान पीठ ने यह भी कहा कि पूरक आरोप पत्र आरोप मुक्त किये गये 13 व्यक्तियों के खिलाफ नहीं बल्कि आठ व्यक्तियों के खिलाफ दायर किया गया था. भाजपा नेताओं आडवाणी, जोशी, उमा भारती के अलावा कल्याण सिंह (इस समय राजस्थान के राज्यपाल), शिवसेना सुप्रीमो बाल ठाकरे और विश्व हिन्दू परिषद के नेता गिरिराज किशोर (दोनों अब मृत) के खिलाफ भी साजिश के आरोप खत्म कर दिये गये थे | इनके अलावा, विनय कटियार, विष्णु हरि डालमिया, सतीश प्रधान, सी आर बंसल, अशोक सिंघल (अब मृत), साध्वी श्रृतम्बरा, महंत अवैद्यनाथ (अब मृत), आर वी वेदांती, परमहंस राम चंद्र दास (अब मृत), जगदीश मुनि महाराज, बी एस शर्मा, नृत्य गोपाल दास, धरम दास, सतीश नागर और मोरेश्वर सावे (अब मृत) के खिलाफ भी साजिश के आरोप खत्म कर दिये गये थे |
 
JENEWS.in से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर लाइक कर ज्वॉइन करें, और ट्विटर पर फॉलो करे... 
 


न्यूज़पेपर में दिया गया जॉब कोड दिए गए    Textbox में दर्ज करे और जॉब सर्च करे



Quick Links