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अमेरिका की यूनाइटेड एयरलाइन्स की फ्लाइट में रविवार सुबह दो लड़कियों को लेगिंग पहने होने की वजह से सफर करने से रोक दिया गया। ऐसे ही कॉस्ट्यूम में आई एक और लड़की ने जब कपड़े चेंज किए तो उसे फ्लाइट में जाने की इजाजत दी गई। इस घटना को लेकर सोशल मीडिया पर एयरलाइन्स के खिलाफ लोगों ने काफी नाराजगी जताई।
वॉशिंगटन पोस्ट में एक चश्मदीद के हवाले से यह जानकारी दी गई है। घटना डेनवर से मिनीपोलिस जा रही फ्लाइट में हुई। घटना के दौरान डेनवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के गेट पर मौजूद शेन्नोन वॉट्स ने ट्वीटर पर लिखा, "वो उस पर दबाब डाल रहे थे कि लेंगिंग बदलो या उस पर कोई और ड्रेस पहनो, नहीं तो फ्लाइट में नहीं जाने दिया जा सकता। अमेरिका की पुलिस महिलाओं के कपड़ों को लेकर यह सब कब से करने लगी?"
इसके जवाब में यूनाइटेड एयरलाइन्स ने लिखा, "यूनाइटेड (एयरलाइन्स) को हक है कि वह कॉन्ट्रैक्ट ऑफ कैरेज के तहत सलीके के कपड़े नहीं पहने होने पर पैसेंजर्स को रोक सकती है। यह एजेंट की समझ पर छोड़ दें। एयरलाइन का पैसेंजर कॉन्ट्रैक्ट सभी पैसेंजर्स और क्रू मेंबर्स की सेफ्टी के लिए है। अगर पैसेंजर ठीक ढंग से कपड़े नहीं पहने और या खाली पैर हो तो उसे सफर करने से रोका जा सकता है।" हालांकि, एयरलाइन्स ने यह नहीं बताया कि सलीके वाले कपड़े के मायने क्या हैं।
यूनाइटेड एयरलाइन्स के स्पोक्सपर्सन जोनाथन गुइरिन ने भी इसकी पुष्टि की है कि दो टीनएज लड़कियों को फ्लाइट में नहीं चढ़ने दिया गया। लेकिन उन्होंने कहा कि लड़कियों यूनाइटेड एयरलाइंस के इम्प्लाॅई पास पर सफर कर रही थीं, इस पर ड्रेस कोड में छूट नहीं दी जा सकती। इस घटना को लेकर सोशल मीडिया पर काफी नाराजगी जताई जा रही है। कुछ लोगों ने इसे भयानक, बेइज्जती करने वाली और बेवकूफी भरी हरकत कहा है। कुछ ने एयरलाइन्स से पूछा है कि लेगिंग को सलीके की ड्रेस क्यों नहीं कहा जा सकता।
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