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आईपीएल के पूर्व अध्यक्ष ललित मोदी के खिलाफ टी-20 क्रिकेट टूर्नामेंट में धनशोधन मामले की जांच को लेकर इंटरपोल द्वारा रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने की संभावना लगभग खत्म हो गई है |
अधिकारियों ने बताया कि वैश्विक पुलिस निकाय ने लगभग मोदी के पक्ष में फैसला दिया है जिन्होंने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के आग्रह पर इंटरपोल द्वारा अपने खिलाफ वारंट जारी करने को चुनौती दी थी. ईडी ने सबसे पहले 2015 में इंटरपोल से आग्रह किया था |
ललित मोदी ने भी एक सर्टिफिकेट ट्वीट किया जिसमें इंटरपोल के रूख को मंजूरी दी गई है जिसमें कहा गया है कि वह इंटरपोल के रेड नोटिस का विषय नहीं हैं और इंटरपोल के आंकड़े में शामिल नहीं हैं. समझा जाता है कि क्रिकेट प्रशासक ब्रिटेन में हैं और उन्होंने कहा है कि उन्होंने इंडियन प्रीमियर लीग के किसी भी सौदे में कोई गड़बड़ी नहीं की है |
बहरहाल आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि ईडी इस बारे में इंटरपोल के कमीशन फॉर द कंट्रोल ऑफ फाइल्स को देखेगा और सरकार तथा सीबीआई के समक्ष मामले को उठाएगा. भारत में इंटरपोल के मामलों की नोडल संस्था सीबीआई है | समझा जाता है कि ईडी विदेश मंत्रालय और सीबीआई से कहेगा कि इंटरपोल के पहले के मामले को वह देखे जिसमें भारत और अन्य देशों ने वांछित लोगों या अपराधियों के खिलाफ महज आवश्यक कानूनी दस्तावेज मुहैया कराकर रेड कॉर्नर नोटिस जारी कराया है |
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