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नाबालिग से एक्सीडेंट हुआ तो पेरेंट्स को जेल: मोटर व्हीकल अमेंडमेंट बिल पेश

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मोटर व्हीकल अमेंडमेंट बिल 2016 लोकसभा में पेश कर दिया गया है। बिल में यह प्रोविजन है कि अगर नाबालिग ने गाड़ी चलाते वक्त एक्सीडेंट किया तो उसे गाड़ी सौंपने वाले पेरेंट्स को 25 हजार रुपए तक जुर्माना या 3 साल तक की जेल हो सकती है। इससे जाहिर है कि बिल मंजूर होने के बाद नाबालिगों को गाड़ी देना बहुत महंगा पड़ेगा। 
 
बिल पेश करते हुए रोड ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर नितिन गडकरी ने कहा, "नया कानून बनने के बाद अगर कोई मिनिस्टर भी ट्रैफिक रूल्स तोड़ेगा तो कैमरों के जरिए जुर्माना पर्ची डाक से घर पहुंच जाएगी।" 
 
न्यूज एजेंसी के मुताबिक, मोटर व्हीकल अमेंडमेंट बिल को शुक्रवार को संसद में पेश किया गया। इससे पहले गुरुवार को कैबिनेट ने बिल के अमेंडमेंट्स को मंजूरी दे दी थी। सरकार के मुताबिक, नए रूल्स से अगले 5 साल में रोड एक्सीडेंट की घटनाओं में कमी लाकर उसे मौजूदा लेवल के 50% तक लाया जा सकेगा। गडकरी ने कहा कि इस बिल का मकसद लोगों की जिंदगी बचाना है। उन्होंने दावा किया कि देश में हर साल 5 लाख एक्सीडेंट होते हैं, जिनमें 1.5 लाख लोगों की जान जाती है। उन्होंने कहा कि सरकार एक नेशनल रोड सेफ्टी बोर्ड भी बनाएगी।
 
इस बिल में शराब पीकर, बिना सीट बेल्ट बांधे या फोन पर बात करते हुए गाड़ी चलाना या बिना हेल्मेट पहने बाइक चलाना और रेड लाइट तोड़ने को लेकर भी सख्त प्रोविजन्स किए गए हैं।
 
नाबालिग (या किशोर) गाड़ी चलाते समय एक्सीडेंट करता है तो उसे गाड़ी सौंपने वाले पेरेंट्स को 25 हजार रुपए तक जुर्माना या 3 साल तक जेल हो सकती है। शराब पीकर गाड़ी चलाने पर 10 हजार रुपए जुर्माना।  हेल्मेट नहीं लगाने पर 2500 रुपए और लाल बत्ती तोड़ने पर 1000 रुपए जुर्माना देना होगा। सीट बेल्ट नहीं लगाने पर 1000 रुपए और गाड़ी चलाते हुए मोबाइल पर बात की तो 5,000 रुपए जुर्माना देना होगा। लाइसेंस भी रद्द हो सकता है। हिट एंड रन मामले में मौत पर मुआवजा 2 लाख और चोट पहुंचाने पर 50 हजार रुपए जुर्माना देना होगा।
 


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