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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूर्ववर्ती अखिलेश यादव सरकार की समाजवादी पेंशन योजना पर भी रोक लगा दी है और उस पर जांच बिठा दी है| सरकार जांच इस बात को लेकर कराएगी कि जिन्हें पेशन मिल रही है, वो इसके असली हकदार हैं या नहीं| इसके अलावा कई जगहों पर अखिलेश सरकार द्वारा बनाए गए साइकिल ट्रैक भी योगी सरकार ध्वस्त कर सकती है|
लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की समीक्षा के दौरान ये बातें सामने आई कि कई जगहों पर साइकिल ट्रैक बनाने से सड़क बहुत संकरी हो गई है| सरकार ने कहा है कि जहां यह ट्रैक सड़क में रुकावट पैदा कर रही है, वहां साइकिल ट्रैक तोड़े जा सकते हैं| योगी सरकार ने कहा है कि 15 जून तक 85,943 किलोमीटर सड़कों को युद्धस्तर पर दुरुस्त किया जाएगा| इसमें राष्ट्रीय राजमार्ग और प्रदेश राजमार्ग शामिल हैं| मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य पीडब्ल्यूडी विभाग को निर्देश दिया कि यदि मरम्मत की गई सड़कें मॉनसून में क्षतिग्रस्त पाई गईं, तो अधिकारियों को दंडित किया जाएगा| इसके अलावा प्रदेश के सारे विकास प्रधिकरण भी कैग के दायरे में ला दिए गए हैं| राज्य में 29 विकास प्राधिकरण हैं| कैबिनेट ने नेपाल सीमा से लगे सात जिलों के लिए सीमावर्ती क्षेत्र विकास कार्यक्रम को भी मंजूरी दी| प्रांतीय सिविल सेवा (पीसीएस) परीक्षा (2013 बैच) में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को छूट दी गई है| अब वे परीक्षा में दो बार बैठ सकते हैं|
विधवा, दिव्यांगजन और वृद्धावस्था पेंशन के तहत हर महीने उपलब्ध कराए जा रहे 500 रुपए को दोगुना करने का प्रस्ताव भी योगी सरकार ने पेश किया है| समाजवादी पेंशन योजना का नाम बदलकर मुख्यमंत्री पेंशन योजना करने का प्रस्ताव भी दिया गया है| इसके तहत अति दलित जैसे-मुसहर, नट, कंजड़ और बनटांगियां समुदाय के लोगों को शामिल करते हुए उन्हें ज्यादा से ज्यादा लाभ पहुंचाए जाने पर बात हुई| मुख्यमंत्री पेंशन योजना का लक्ष्य 1.10 करोड़ करने के अलावा भूमिहीन और अति दलित समुदाय को प्राथमिकता देने का है| समाज कल्याण विभाग सभी लाभार्थियों को आधार से कनेक्ट करेगा|
हर साल 1 अक्टूबर को विभाग में पेंशन दिवस मनाया जाएगा| सामान्य वर्ग के उत्तर प्रदेश सामाजिक आयोग का गठन होगा| निजी क्षेत्र में कंपनियों के लिए सीएसआर फंड के लिए नोडल एजेंसी और सामूहिक विवाह योजना में विधायक 20 लाभार्थी अपने क्षेत्र से चुनेगा| हैंडीकैप्ड पीपुल डेवलपमेंट डिपार्टमेंट नाम बदलकर दिव्यांग जन सशक्तिकरण विभाग रखने पर चर्चा हुई। अब विकलांग जन को 300 रुपए के हर महीने के अनुदान को बढ़ाकर 500 रुपए करने का आश्वासन दिया गया|
महिला कल्याण विभाग की स्थिति क्या होनी चाहिए, इस पर भी गंभीरता से बैठक में विचार करने की बात कही गई| ये तय हुआ कि जो केंद्र की योजनाएं हैं, उन्हें उन्हीं के नामों से यूपी में भी चलाया जाए| भ्रूण हत्या कैसे रोकनी है, महिला सशक्तिकरण के कार्यक्रम को कैसे और प्रभावी बनाना है, इस पर भी बात हुई| लक्ष्य को एक साल के अंदर पूरा करना तय हुआ है|
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