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अमेरिकी सेना ने लड़ाई के लिए तैनात अपना अब तक का सबसे बड़ा गैर परमाणु बम पाकिस्तानी सीमा के पास पूर्वी अफगानिस्तान में इस्लामिक स्टेट सुरंग परिसर में गुरुवार को गिराया| पेंटागन ने कहा कि "जीबीयू 43:बी मैसिव ऑर्डिनेंस एयर ब्लास्ट" बम नंगरहार प्रांत के अचिन जिले में आईएसआईएस खोरासन के एक सुरंग परिसर में गिरा| इस बम का उपनाम "मदर ऑफ ऑल बॉम्ब्स" (एमओएबी) है|
पेंटागन के प्रवक्ता एडम स्टम्प ने बताया कि इस हथियार का लड़ाई में पहली बार इस्तेमाल किया जा रहा है| 21600 पौंड वजनी जीपीएस निर्देशित एमओएबी अमेरिका का सबसे शक्तिशाली गैर परमाणु बम है| अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उन्होंने अफगानिस्तान में बम गिराए जाने की अनुमति दी थी और उन्होंने इस अभियान को अत्यंत सफल करार दिया|
ट्रंप ने व्हाइट हाउस में संवाददाताओं से कहा, यह वास्तव में एक सफल अभियान रहा. हमें हमारी सेना पर गर्व है| ट्रंप ने कहा, मुझे नहीं पता कि इससे उत्तर कोरिया को संदेश मिलता है या नहीं| इससे कोई अंतर नहीं पड़ता| उत्तर कोरिया एक समस्या है| इस समस्या का समाधान निकाला जाएगा|
व्हाइट हाउस के प्रेस सचिव सीन स्पाइसर ने अपने दैनिक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि बम अफगानिस्तान में स्थानीय समयानुसार शाम करीब सात बजे गिराया गया|
अमेरिका को जवाब देने के लिए रूस ने एमओएबी से 4 गुना ताकतवर बम बनाया था| इसे फॉदर ऑफ ऑल बम कहा गया| इसका प्रयोग नहीं हुआ है| अफगानिस्तान में अमेरिकी सेना की कार्रवाई को 16 साल पूरे हो रहे हैं| और अब वे देश से निकल रहे हैं| जहां ये बम गिराया गया उस नंगरहार प्रांत में पश्तून रहते हैं| आबादी करीब 1 लाख है| अफीम की सबसे ज्यादा पैदावार होती है| 1980 में रूस-अफगान युद्ध के वक्त अमेरिका समर्थित मुजाहिदीनों का गढ़ था|
अफगानिस्तान में यूएस फोर्स के कमांडर जनरल जॉन निकलसन ने कहा कि अफगानिस्तान में पैठ बना चुके आईएसआईएस के आतंकी आईईडी, बंकर और सुरंगों के जरिए अपनी सुरक्षा मजबूत करने की कोशिश में लगे हुए है| इसलिए इस हमले की जरूरत थी| इससे आतंकियों को कमजोर करने और वहां हमारी सुरक्षा को मजबूत करने में मदद मिलेगी|
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