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आम आदमी पार्टी से निकाले गए कपिल मिश्रा ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को खुली चुनौती देते हुए कहा कि अगर मैं एसीबी को चिट्ठी नहीं लिखता तो आप मुझे मंत्रीपद से नहीं हटाते| उन्होंने कहा कि मैं करावल नगर सीट छोड़ता हूं और आप (केजरीवाल) नई दिल्ली सीट छोड़िए| फिर देखते हैं कि दिल्ली की जनता किसके साथ है| हम दोनों ही अपनी सीट से इस्तीफा देकर फिर से चुनाव में खड़े होते हैं|
मिश्रा ने मंगलवार को बुलाए गए विधानसभा के विशेष सत्र पर भी निशाना साधते हुए कहा कि केजरीवाल वहां खुद ही गवाह और खुद ही जज बनकर फैसला सुनाएंगे| इसके साथ ही उन्होंने केजरीवाल को चुनौती देते हुए कहा कि मैं आपके हर चक्रव्यूह को तोड़कर विजयी होऊंगा| उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि वे अरविंद केजरीवाल के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाएंगे और इसके लिए उन्होंने दिल्ली के सीएम से माफी भी मांगी साथ में उनके (केजरीवाल के) खिलाफ जंग में जीत के लिए केजरीवाल से आशीर्वाद भी मांगा|
कपिल मिश्रा ने भ्रष्टाचार के खिलाफ जंग में अरविंद केजरीवाल की भूमिका को बताते हुए कहा कि जो आप पहले करते थे वही आज मुझे आपके (केजरीवाल के) खिलाफ करना पड़ रहा है| उन्होंने कहा कि मैंने जिससे धनुष चलाना सीखा उनपर तीन चलाने जा रहा हूं|
इससे पहले मिश्रा ने सोमवार (8 मई) को टैंकर घोटाले की जांच में जानबूझ कर देर करने के अपने आरोपों के समर्थन में दिल्ली सरकार की भ्रष्टाचार निरोधक इकाई (एसीबी) के समक्ष दस्तावेजी सबूत पेश किये। एसीबी के प्रमुख एमके मीणा ने सबूतों के आधार पर मिश्रा का बयान दर्ज कराने की बात कही है| मीणा ने कहा कि 400 करोड़ रुपये के टैंकर घोटाला मामले में एसीबी मिश्रा के विस्तृत बयान दर्ज करायेगी| मिश्रा ने केजरीवाल पर इस मामले की जांच में जानबूझ कर देरी कराने का आरोप लगाया है| इस मामले में पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित आरोपी हैं|
मीणा ने कहा कि मिश्रा ने अपने बयान दर्ज कराने की इच्छा जाहिर की है| इसके लिये एसीबी की ओर से उन्हें समय दिया जायेगा| उन्होंने कहा कि इस मामले में दीक्षित के बयान पहले ही दर्ज किये जा चुके हैं| अब मिश्रा के भी बयान दर्ज करने के बाद इस मामले की दिशा तय की जायेगी|
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