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शहीद बीएसएफ हेडकांस्टेबल प्रेम सागर के घर में विण्डो एसी, सोफा और कालीन केवल उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आगमन के मद्देनजर लगाया गया था| सागर के परिवार वालों ने बताया कि जब अधिकारियों ने मुख्यमंत्री के जाते ही एसी, सोफा और कालीन हटा दी तो वे हैरत में पड़ गये|
शहीद के भाई के हवाले से यह जानकारी दी गयी| इस बारे में हालांकि कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं है| देवरिया प्रशासन ने शहीद के मेहमान कक्ष में नये परदे, एसी, सोफा और कालीन लगाया था| मुख्यमंत्री को यहीं परिवार वालों से मिलना था| मुख्यमंत्री के आगमन के एक दिन पहले गांव की गंदी सडकों को साफ किया गया| अकसर खुले रहने वाले मेनहोल बंद किये गये|
हेड कांस्टेबल सागर एक मई को जम्मू कश्मीर के पुंछ में नियंत्रण रेखा पर गश्त कर रहे थे, जब पाकिस्तानी सेना ने नियंत्रण रेखा पार कर भारतीय गश्ती दल पर घात लगाकर हमला किया| सागर के अलावा सेना के जवान परमजीत सिंह की निर्मम हत्या कर दी गयी| उनके शव क्षत विक्षत कर दिये गये|
सागर के परिवार वालों ने कहा कि जब तक मुख्यमंत्री नहीं आते, वे अंतिम संस्कार नहीं करेंगे| मुख्यमंत्री से बात होने के बाद हालांकि उन्होंने शहीद का अंतिम संस्कार कर दिया| योगी 12 मई को टीकमपार गांव में शहीद के परिजनों से मिले| उन्होंने उन्हें सांत्वना दी और चार लाख रूपये का चेक दिया| उन्होंने सागर के बच्चों की पढाई लिखाई और नौकरी का आश्वासन भी दिया|
मुख्यमंत्री ने कहा कि गांव में शहीद स्मारक बनाया जाएगा और शहीद की याद में एक कन्या इंटर कालेज भी बनाया जाएगा| गैस एजेंसी दिये जाने की परिजनों की मांग पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बारे में केन्द्र सरकार से आग्रह किया जाएगा|
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