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विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय न्यायालय (आईसीजे) में कुलभूषण जाधव मामले में भारतीय पक्ष की पैरवी कर रहे जानेमाने अधिवक्ता हरीश साल्वे ने महज एक रूपये की फीस ली है| सुषमा ने ट्वीट किया, "ठीक नहीं है..हरीश साल्वे ने इस मामले में अपनी फीस के तौर पर हमसे एक रूपये लिए हैं|" उनका ट्वीट संजीव गोयल नामक एक व्यक्ति के ट्वीट के जवाब में आया है| गोयल ने सवाल किया था कि क्या भारत साल्वे से कम फीस लेने वाला कोई अच्छा वकील नहीं कर सकता था|
जाधव के मामले में साल्वे आईसीजे में भारत की तरफ से वकील हैं| पाकिस्तान की एक सैन्य अदालत ने कथित जासूसी के मामले में जाधव को मौत की सजा सुनाई थी| इसके खिलाफ भारत ने आईसीजे का रूख किया है|
कुलभूषण जाधव के मामले में सोमवार (15 मई) को यहां अंतरराष्ट्रीय न्यायालय (आईसीजे) में भारत और पाकिस्तान के बीच जोरदार बहस हुई| भारत ने जाधव की मौत की सजा फौरन स्थगित करने की मांग की, जबकि पाकिस्तान ने भारत पर मिथ्या विचार वाली एक अर्जी के जरिए इस वैश्विक संस्था का राजनीतिक मंच के रूप में इस्तेमाल करने का आरोप लगाया| भारत जाधव के मामले को अंतराष्ट्रीय न्यायालय में ले गया है और पाकिस्तान पर वियना समझौता का उल्लंघन करने तथा लेशमात्र सबूत के बगैर जाधव को दोषी ठहराने के लिए बेतुका मुकदमा चलाने का आरोप लगाया है|
इससे पहले साल्वे ने कहा कि पाकिस्तान ने राजनयिक मदद के लिए भारत के 16 अनुरोध को खारिज कर दिया| आरोप जितना अधिक गंभीर होगा वियना समझौता का अनुपालन करने की उतनी अधिक जरूरत होगी| जाधव अपने परिवार से किसी तरह के संपर्क के बगैर न्यायिक हिरासत में है| साल्वे ने कहा कि राजनयिक संबंध पर वियना समझौता की धारा 36 का अधिकार पवित्र है| उन्होंने नागरिक एवं राजनीतिक अधिकारों पर अंतरराष्ट्रीय नियम का जिक्र किया जो यह कहता है कि किसी को भी मनमाने ढंग से उसके जीवन से वंचित नहीं किया जाएगा| साल्वे ने कहा कि भारत को जाधव के खिलाफ दर्ज आरोपों की प्रति मुहैया नहीं करायी गई है| हम जाधव के लिए उपयुक्त कानूनी प्रतिनिधित्व चाहते हैं|
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