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पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी जुलाई में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव को लेकर काफी सक्रियता दिखा रहीं हैं| निकाय चुनाव में तृणमूल कांग्रेस की जीत के बीच ममता आजकल दिल्ली में हैं और राष्ट्रपति चुनाव के लिए विपक्षी दलों के नेताओं को लामबंद कर रही हैं| मंगलवार को कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात के बाद बुधवार को ममता ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से करीब 30 मिनट तक बातचीत की हैं| सूत्रों के मुताबिक, दोनों मुख्यमंत्रियों ने विपक्ष के साझा उम्मीदवार के नाम को लेकर चर्चा की है|
फिलहाल पश्चिम बंगाल के पूर्व राज्यपाल गोपाल कृष्ण गांधी के नाम पर सबसे अधिक चर्चा हो रही है| माना जा रहा है कि गांधी दोनों नेताओं के मनमाफिक बैठते हैं| इसके अलावा मौजूदा राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को दूसरे कार्यकाल के लिए तैयार करने पर भी चर्चा हुई, लेकिन राष्ट्रपति भवन के सूत्रों के मुताबिक, प्रणब दा ने ये शर्त रख दी है कि वह चुनाव नहीं लड़ेंगे| हां, उनके नाम पर सर्वसम्मति बने तो दूसरे कार्यकाल से उनको ऐतराज नहीं होगा|
खबरिया चैनलों से बातचीत में ममता बनर्जी ने कहा कि अभी कई नामों पर चर्चा चल रही है, जैसे ही बातचीत निर्णायक मोड़ पर आएगा, उसका खुलासा किया जाएगा| सूत्रों के मुताबिक, फिलहाल ममता को शरद यादव समेत कई विपक्षी नेताओं से अलग-अलग बातचीत करनी है| इस बातचीत को और आगे बढ़ाने के लिए अगले हफ्ते दिल्ली में विपक्षी दलों के दिग्गजों का जमघट लगेगा| इसमें राष्ट्रपति पद पर उम्मीदवारी को लेकर निर्णायक बातचीत होने के आसार हैं|
ममता बनर्जी ने कहा कि सोनिया गांधी के साथ 40 मिनट की मुलाकात के दौरान किसी नाम पर चर्चा नहीं हुई| इस बैठक में कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी भी शामिल हुए| बैठक के बाद ममता ने संवाददाताओं से कहा, हम समूचे विपक्ष को एकजुट करना और एक सर्वसम्मत उम्मीदवार लाना चाहते हैं, जो देश के लिए अच्छा होगा| ममता और सोनिया के बीच बैठक उन बैठकों की श्रृंखला का हिस्सा है जो कांग्रेस प्रमुख आगामी राष्ट्रपति चुनाव में संभावित संयुक्त उम्मीदवार के लिए राजनीतिक नेताओं के साथ कर रही हैं|
सोनिया और ममता की मुलाकात के संदर्भ में माकपा के एक नेता ने कहा कि उन्होंने विपक्ष की ओर से एक आम सहमति वाला उम्मीदवार खड़ा करने की पैरवी की है| शुरू से हमारा भी यह रुख रहा है| इस मुद्दे पर तृणमूल कांग्रेस माकपा के साथ आयी है| भाकपा से जुड़े सूत्रों का कहना है कि इस मुद्दे पर तृणमूल के विपक्ष के साथ आने पर उनको आपत्ति नहीं है|
ममता बनर्जी से जुड़े सूत्रों ने ये भी बताया कि 27 अगस्त को पटना में लालू यादव की रैली में भी ममता बनर्जी मौजूद रहेंगी, लेकिन इससे पहले राष्ट्रपति चुनाव पर सबकी नजर है| विपक्षी दलों को एकजुट करने के लिए ममता सभी से मिलकर बातचीत के दौर को आगे बढ़ा रही हैं| 2019 का लोकसभा चुनाव भी ममता के ध्यान में है, जिससे पहले वह राष्ट्रपति चुनाव में राष्ट्रीय स्तर पर अपना कद बड़ा करना चाहती हैं|
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