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बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार (26 मई) को सोनिया गांधी द्वारा आयोजित दोपहर के भोज में शामिल ना होने और शनिवार (27 मई) को दोपहर के भोज में शामिल होने का प्रधानमंत्री का आमंत्रण स्वीकार करने को लेकर शुरू हुई अटकलों को तवज्जो ना देते हुए कहा कि इसका गलत अर्थ निकाला जा रहा है| प्रधानमंत्री शनिवार (27 मई) को मॉरिशस के प्रधानमंत्री के सम्मान में भोज की मेजबानी करेंगे|
नीतीश ने संवाददाताओं से इसका गलत मतलब ना निकालने की बात करते हुए कहा, इसका गलत अर्थ निकाला जा रहा है| उन्होंने कहा, जाने या ना जाने जैसी कोई बात ही नहीं है| चार-पांच दिन पहले अहमद पटेल (कांग्रेस नेता) ने जब दोपहर भोज पर बैठक की खातिर जदयू को निमंत्रित करने के लिए मुझे फोन किया तो मैंने तब ही उन्हें इसके बारे में बता दिया था|
मुख्यमंत्री ने राज्य मंत्रिमंडल की बैठक से निकलने के बाद कहा, जदयू को निमंत्रण दिया गया था और पार्टी प्रतिनिधि के तौर पर उसमें शरद यादव शामिल हुए| विपक्ष की बैठक से शुक्रवार (26 मई) को नीतीश के नदारद रहने को राष्ट्रपति पद के आगामी चुनाव में गैर भाजपा दलों द्वारा एक साझा उम्मीदवार खड़ा करने की कोशिशों को लगे झटके की तरह देखा जा रहा है, इसे लेकर नीतीश ने कहा, मैं पहले ही इसपर सोनिया गांधी से मिल चुका हूं और दूसरे दलों के प्रमुख नेताओं से फोन पर बात की है|
शनिवार (27 मई) को प्रधानमंत्री के भोज में शामिल होने के बारे में पूछे जाने पर नीतीश ने कहा कि उन्होंने यह निमंत्रण बिहार के मुख्यमंत्री के तौर पर स्वीकार किया| मुख्यमंत्री ने कहा, मॉरिशस के लंबे समय से बिहार से भावनात्मक संबंध हैं| वर्तमान में मॉरिशस की 52 प्रतिशत से ज्यादा आबादी का मूल बिहार में हैं| उन्होंने साथ ही कहा, मॉरिशस के पूर्व एवं मौजूदा प्रधानमंत्री की जड़ें बिहार में हैं| नीतीश ने कहा कि दोपहर के भोज के बाद वह प्रधानमंत्री के साथ बैठेंगे और गंगा नदी पर चर्चा करेंगे|
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