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राष्ट्रपति चुनाव की सरगर्मी तेज: सोनिया-येचुरी से मिले भाजपा नेता, नाम पर सस्पेंस बरकरार

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इसी साल जुलाई में राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का कार्यकाल खत्म होने वाला है| अब राष्ट्रपति चुनाव को लेकर सियासी हलकों में चर्चाएं भी काफी तेज हो गई हैं| वहीं, चुनाव आयोग ने भी ऐलान कर दिया है कि राष्ट्रपति चुनाव 17 जुलाई को होगा| राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार पर आम राय बनाने के लिए भाजपा की एक समिति ने शुक्रवार को कांग्रेस तथा वाम दलों के शीर्ष नेताओं से मुलाकात की तथा वरिष्ठ भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी के साथ विचार विमर्श किया, लेकिन समिति द्वारा किसी उम्मीदवार का नाम नहीं लिए जाने पर विपक्ष ने इस कवायद पर सवाल उठाया|
 
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार विपक्ष की तरफ से आम सहमति वाला उम्‍मीदवार बनाए जाने की मांग हो रही है| विपक्ष की तरफ से इस काम की सारी जिम्मेदारी कांग्रेस प्रमुख सोनिया गांधी के कंधों पर डाली जा चुकी है| उसी सिलसिले में बीजेपी के नेताओं ने कांग्रेस अध्‍यक्ष से मुलाकात की| अब सवाल उठता है कि सत्ताधारी दल के पास ऐसा कौन नेता है जिसके नाम पर विपक्ष को तोड़कर समर्थन जुटाया जा सकता है|
 
रिपोर्ट्स की माने तो भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के द्वारा गठित राजनाथ सिंह, अरुण जेटली और वेंकैया नायडू की इस कोर कमेटी में अलग-अलग दलों की सहमति जुटाने की जिम्मेदारी दी गई है| वेंकैया नायडू को दक्षिण भारत के दलों, वित्त मंत्री पर समाजवादी पार्टियों और राजनाथ सिंह पर शिवसेना, टीएमसी, उत्तरपूर्व के दलों से बात करने की जिम्मेदारी दी गई है| वेंकैया नायडू छह पार्टियों से बात कर चुके हैं|
 
राष्ट्रपति चुनाव को लेकर सभी दल अपनी-अपनी तैयारियों में जुट चुके हैं| शुक्रवार को इस संबंध में सोनिया के साथ राजनाथ सिंह और एम वेंकैया नायडू की करीब चालीस मिनट तक बैठक हुई| राष्ट्रपति चुनाव के बारे में विचार विमर्श के लिए आयोजित इस बैठक में लोकसभा में कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष गुलाम नबी आजाद मौजूद थे| इस बैठक के बाद आजाद ने बताया कि बीजेपी नेताओं ने राष्ट्रपति उम्मीदवार के लिए कोई नाम नहीं बताया|
 


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