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एनडीए की तरफ से राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार रामनाथ कोविंद आज अपना नामांकन दाखिल करेंगे| इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के अलावा राजग गठबंधन के शीर्ष नेता भी मौजूद रहेंगे| सूत्रों की मानें तो इस दौरान बीजेपी शासित राज्यों के मुख्यमंत्री और उनके सहयोगी दल भी मौजूद रहेंगे|
बीजेपी ने राष्ट्रपति पद पर रामनाथ कोविंद के नामांकन के लिए चार सेट तैयार किए हैं| पहले सेट का प्रस्ताव प्रधानमंत्री मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह की तरफ से किया जाएगा| दूसरा सेट के लिए भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली प्रस्ताव करेंगे|
तीसरे सेट शिरोमणी अकाली दल के नेता प्रकाश सिंह बादल और केंद्रीय मंत्री एम वेंकैया नाडयू की तरफ से होगा| वहीं चौथा और अंतिम सेट के लिए आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज प्रस्तावक होंगे| गौरतलब है कि राष्ट्रपति चुनाव 17 जुलाई को होना हैं| साथ ही वर्तमान राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का कार्यकाल 24 जुलाई को समाप्त हो जाएगा|
रामनाथ कोविंद अगस्त 2015 से बिहार के राज्यपाल थे| राष्ट्रपति उम्मीदवार के लिए ऐलान होने के बाद ही उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था| हाल ही रामनाथ कोविंद को एनडीए के तरफ से राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाने के लिए बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह की तरफ से घोषणा की गई थी|
दूसरी तरफ सप्रंग की तरफ से मीरा कुमार को राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार घोषित किया गया है| दोनों ही दलित चेहरा है, हालांकि मीरा कुमार एक जाना-पहचाना नाम हैं| दोनों ही नेता काबिल व्यक्ति हैं| लोकसभा अध्यक्ष के रूप में मीरा कुमार की सफल पारी को देश की जनता देख चुकी है| मीरा कुमार अगली पीढ़ी की दलित हैं| असल में वे पूर्व उप प्रधानमंत्री जगजीवन राम की पुत्री हैं और उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के मिरांडा हाउस जैसे प्रतिष्ठित कॉलेज से पढ़ाई की है|
मीरा कुमार 1970 में भारतीय विदेश सेवा के लिए चुनी गई थीं और कई देशों में राजनयिक के रूप में सेवा दे चुकी हैं| दूसरी तरफ, कोविंद एक कानपुर देहात जिले के एक गांव में साधारण परिवार में पैदा हुए| उन्होंने कानपुर के एक कॉलेज से पढ़ाई की और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़ने के बाद राजनीति में प्रवेश किया| उनका प्रशासनिक अनुभव बिहार के राज्यपाल के रूप में है| दोनों ने वकालत की पढ़ाई की है| कोविंद का चयन भी प्रशासनिक सेवा के लिए हो चुका था, लेकिन उन्होंने नौकरी करने की जगह वकालत करना पसंद किया| मीरा कुमार 72 साल की हैं, जबकि रामनाथ कोविंद 71 साल के हैं|
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