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भारत ने गुरुवार (22 जून) को पाकिस्तान द्वारा जारी कुलभूषण जाधव के इकबालिया बयान वाले वीडियो पर कहा कि यह जाधव के खिलाफ पारदशर्तिा की कमी और कार्यवाही की हास्यास्पद प्रकृति को जाहिर करता है| भारत ने साफ-साफ शब्दों में वीडियो को नकारते हुए कहा कि गढ़े हुए तथ्य सच्चाई को बदल नहीं सकते|
इसके साथ ही भारत ने उम्मीद जताई कि पाकिस्तान दुष्प्रचार के जरिए जाधव मामले में आईसीजे की कार्यवाही को प्रभावित करने की कोशिश करने से बचेगा| भारत ने यह भी कहा कि जाधव द्वारा कथित दया याचिका का विवरण और परिस्थितियां स्पष्ट नहीं है और यहां तक कि इनके अस्तित्व में होने के तथ्य भी संदिग्ध हैं|
पाकिस्तान की सेना के मुताबिक यहां की सैन्य अदालत द्वारा जासूसी के मामले में फांसी की सजा पाये भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव ने पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा को क्षमा याचिका भेजी है| इंटर-सवर्सिेस पब्लिक रिलेशन (आईएसपीआर) ने एक बयान में दावा किया कि जाधव ने अपनी याचिका में पाकिस्तान में जासूसी, आतंकवादी और विध्वंसक गतिविधियों में अपनी संलिप्तता को स्वीकार किया है और जान माल के नुकसान के लिए पछतावा जताया है|
आईएसपीआर ने कहा, "अपने कृत्य के लिए माफी मांगते हुए उन्होंने सेना प्रमुख से अनुरोध किया है कि अनुकंपा के आधार पर उनकी जिंदगी बख्श दें|" बयान में कहा गया है कि भारतीय नौसेना के सेवानिवृत्त अधिकारी जाधव ने पहले सेना की अपीली अदालत में गुहार लगाई थी जिसे खारिज कर दिया गया|
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