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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की आज पहली बार मुलाकात होगी| अमेरिकी राष्ट्रपति ने पीएम मोदी को सच्चा दोस्त बताकर दोनों नेताओं के बीच व्हाइट हाउस में होने वाली मुलाकात के लिए सकारात्मक संकेत दिया है| उम्मीद है मोदी और डोनाल्ड ट्रंप के बीच होने वाली मुलाकात भारत-अमेरिका संबंधों को अगले स्तर पर लेकर जाएगी|
इस मुलाकात से मोदी और ट्रंप के बीच व्यक्तिगत तौर पर संबंध मजबूत करने में भी मदद मिलेगी| दोनों देशों के संबंध इस बात पर निर्भर करेंगे कि एशिया पैसेफिक, अफगानिस्तान-पाकिस्तान रीजन, डिफेंस, इमिग्रेशन और ट्रेड जैसे मुदों पर क्या रुख रहता है| दोनों नेताओं के बीच यह मुलाकात बुश और ओबामा के कार्यकाल के दौरान तय की गई प्राथमिकताओं पर आगे बढ़ने पर एक मौका होगी|
ट्रंप डिनर के मौके पर व्हाइट हाऊस में खुद पीएम मोदी का स्वागत करेंगे| मोदी दुनियाभर में ऐसे पहले विदेशी नेता होंगे जो ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति के साथ डिनर करेंगे| दोनों नेता करीब एक घंटे से ज्यादा समय तक साथ रहेंगे| व्हाइट हाउस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पीएम मोदी के दौरे को व्हाइट हाउस स्पेशल बनाने की तैयारी कर रहा है| मोदी के लिए रेड कारपेट वेलकम होगा| यह व्हाइट हाउस में होने वाला वर्किंग डिनर होगा| अमेरिका में भारत के एम्बेसडर नवतेज सरना ने बताया कि ट्रंप का मोदी को डिनर देना एक खास मौका होगा| ये हमारे लिए सम्मान की बात है|
इन मुद्दों पर हो सकती है बात
1. एशिया-पैसेफिक रीजन और दुनिया में स्टेबिलिटी और सिक्युरिटी को मजबूत करना
2. आतंकवाद
3. इकोनॉमिक ग्रोथ बढ़ाना
4. भारतीय फौज का तेजी से मॉडर्नाइजेशन करना
5. सिविल न्यूक्लियर
6. एच-1बी वीजा मुद्दा
दूसरी तरफ प्रधानमंत्री मोदी ने अमेरिका में भारतीय मूल के लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि भारत अपनी संप्रभुता और सुरक्षा के लिए कठोर कदम उठाने की सामर्थ्य रखता है और कोई भी उसे रोक नहीं सकता| मोदी ने सीमा पार आतंकवादियों के खिलाफ की गई सर्जिकल स्ट्राइक का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे दुनिया को समझ आ गया है कि भारत संयम रखता है लेकिन जरूरत पड़ने पर अपने सामर्थ्य का परिचय भी देता है| उन्होंने कहा कि हम विश्व के कानूनों से बंधे हुए हैं क्योंकि यह हमारा संस्कार और स्वभाव है, वसुधैव कुटुम्बकम छोटे शब्द नहीं हैं यह हमारे चरित्र में हैं|
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