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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तीन दिवसीय इजरायल दौरे का आज आखिरी दिन है| इस दौरान पीएम मोदी हैफा शहर जाएंगे| इस शहर का भारत से बहुत पुराना रिश्ता है| 1918 में प्रथम विश्व युद्ध के समय भारतीय जवानों ने इस शहर को तुर्कों से आजाद कराया था| यहां जाकर पीएम मोदी प्रथम विश्व युद्ध में शहीद हुए भारतीय जवानों को श्रद्धांजलि देंगे| यहां भारतीय सैनिकों की शहादत के सम्मान में एक स्मारक बनाया गया है|
हैफा का युद्ध प्रथम विश्व युद्ध के दौरान शांति के लिए सिनाई और फलिस्तीन के बीच चलाए जा रहे अभियान के अंतिम महीनों में लड़ा गया| इस जंग में भारतीय सैनिकों के पास भाले और तलवारें थीं फिर भी वे मशीन गन और तोपों से लैस तुर्की और जर्मन सेना पर भारी पड़े और अंत में उन्हें हरा दिया| इस लड़ाई में कई भारतीय सैनिक शहीद हुए थे| भारतीय सैनिकों की इस बहादुरी की कहानी इजरायल के स्कूली पाठ्यक्रम में भी शामिल है|
मेजर दलपत सिंह को हैफा को मुक्त कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए "हैफा के हीरो" के रूप में याद किया जाता है| उन्हें बहादुरी के लिए मिलिट्री क्रास से सम्मानित किया गया था| भारतीय सेना हर वर्ष 23 सितंबर को हैफा डे मनाती है| हैफा युद्ध की याद में ही दिल्ली में तीन मूर्ति चौक बनवाया गया था| इसमें एक स्तंभ के किनारे तीन दिशाओं में मुंह किये हुए तीन सैनिकों की मूर्तियाँ लगी हुई हैं| माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री इस चौक का नाम बदलकर हाइफा चौक रखने की घोषणा कर सकते हैं| 2018 में हैफा युद्ध को 100 साल पूरे होने जा रहे है|
दोपहर 2 बजे पीएम मोदी हैफा में भारतीय शहीदों को श्रद्धांजलि देंगे| हैफा से लौटते वक्त दोनों पीएम रास्ते में एक बीच पर रुकेंगे| इसके बाद तेल-अवीव लौटकर पीएम मोदी 30 इजरायली सीईओ के साथ लंच करेंगे| यहां पीएम मोदी इजरायल की संसद को संबोधित भी करेंगे| भारतीय समयानुसार शाब करीब 7:30 बजे वे जी-20 समिट में हिस्सा लेने के लिए जर्मनी रवाना हो जाएंगे|
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