Visitors online: 002

पीएम मोदी ने पाकिस्तान पर साधा निशाना, कहा- आतंकवाद समर्थक देशों को जी-20 से दूर रखना चाहिए

Home » Headlines

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार (7 जुलाई) को जी-20 से कहा कि आतंकवाद का समर्थन करने वाले देशों को इस आर्थिक मंच (जी-20) की सदस्यता लेने से प्रतिबंधित किया जाना चाहिए| मोदी का इशारा पड़ोसी देश पाकिस्तान की तरफ था, जिसे जी-20 की किसी भी बैठक के लिए आमंत्रित नहीं किया गया है| जी-20 के 12वें शिखर सम्मेलन से पहले मोदी ने आतंकवाद पर आयोजित सत्र में मुख्य वक्ता के रूप में जी-20 में शामिल देशों के नेताओं से कहा, "आतंकवाद का समर्थन करने वाले देशों के खिलाफ निषेधात्मक कार्रवाई की जानी चाहिए|"
 
मोदी ने आतंकवाद से मुकाबले के लिए कई बिंदुओं वाला एक एजेंडा पेश किया| उन्होंने कहा, ऐसे देशों के जी-20 में प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए| प्रधानमंत्री ने कहा कि जी-20 राष्ट्रों को नामित आतंकियों की राष्ट्रीय सूची का आदान-प्रदान करना चाहिए और ऐसे लोगों के खिलाफ जरूरी कार्रवाई करनी चाहिए| उन्होंने कहा कि आतंकवाद का समर्थन करने वालों के खिलाफ प्रत्यर्पण जैसी कानूनी प्रक्रियाओं को सरल बनाया जाना चाहिए|
 
मोदी ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद द्वारा अंतर्राष्ट्रीय आतंकवाद के खिलाफ समग्र संधि (सीसीआईटी) को तुरंत स्वीकार किए जाने का आह्वान किया| भारत ने इस संधि की रूपरेखा विश्व के सामने रखी है| प्रधानमंत्री ने कहा कि जी-20 द्वारा चरमपंथ के खिलाफ कार्यक्रमों पर व्यापक रूप से जोर दिया जाना चाहिए| उन्होंने कहा कि वित्तीय कार्यबल और इस जैसे अन्य साधनों के जरिए आतंकियों को मिलने वाले वित्तपोषण पर लगाम लगाई जानी चाहिए| साथ ही आतंकी गतिविधियों को कुचलने के लिए जी-20 देशों के बीच साइबर सुरक्षा के मामले में ठोस सहयोग होना चाहिए| मोदी ने कहा कि जी-20 देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों के आतंकवाद-रोधी तंत्र का गठन किया जाना चाहिए|
 
हिंसक प्रदर्शनों के बीच जर्मन शहर में शिखर सम्मलेन शुरू हुआ| जर्मनी की चांसलर एंजेला मार्केल ने विवादास्पद मुद्दों पर कोई सर्वसम्मति नहीं बन पाने की स्थिति में समझौता' करने का भी प्रस्ताव रखा जबकि भारत उन अधिकतर देशों के पक्ष में प्रतीत हुआ जिन्होंने ग्लोबल वार्मिग, संरक्षणवाद एवं आतंकवाद को वित्तीय मदद के खिलाफ लड़ाई में निर्णायक कदम उठाने की मांग की| जी20 देशों ने नेताओं ने इंटरनेट एवं सोशल मीडिया के जरिए कट्टरपंथ के प्रसार को रोकने और आतंकवादियों की पनाहगाहों के खिलाफ कार्रवाई करने का संकल्प लिया| घोषणापत्र में कई उन मामलों का जिक्र किया गया जो मोदी ने सुबह शुरुआत में नेताओं के रिट्रीट के दौरान उठाए थे|
 
सिक्किम क्षेत्र में भारत और चीन की सेनाओं के बीच चल रहे गतिरोध के बावजूद प्रधानमंत्री मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने ब्रिक्स नेताओं की अनौपचारिक बैठक के दौरान एक दूसरे से हाथ मिलाया और व्यापक मुद्दों पर चर्चा की| विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गोपाल बागले ने बताया कि मोदी और शी ने व्यापक मुद्दों पर चर्चा की है| प्रवक्ता ने ट्वीट किया, "हैमबर्ग में चीन की मेजबानी में हुई ब्रिक्स नेताओं की अनौपचारिक बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति शी ने व्यापक मुद्दों पर बातचीत की|" बागले ने बातचीत से जुड़े मुद्दों के बारे में ब्यौरा नहीं दिया| विदेश मंत्रालय ने मोदी और शी की हाथ मिलाते हुए तस्वीर ट्वीट की|
 
बाद में मोदी ने चीन की अध्यक्षता में ब्रिक्स (ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका) समूह में गतिशीलता की 'तारीफ' की. मोदी ने बीजिंग की मेजबानी में होने जा रहे ब्रिक्स के आगामी शिखर सम्मेलन के लिए पूर्ण समर्थन देने की भी बात कही. जी-20 शिखर सम्मेलन के इतर ब्रिक्स के नेताओं की एक अनौपचारिक मुलाकात में बोलते हुए मोदी ने समूह के नेताओं से अपील की कि वे आतंकवाद से मुकाबले और वैश्विक आथर्कि वृद्धि में तेजी लाने के लिए नेतृत्व दिखाएं.
 
मोदी के ठीक बाद अपने संबोधन में चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने भी भारत की अध्यक्षता के दौरान ब्रिक्स की गतिशीलता की तारीफ की| भारत की अध्यक्षता की अवधि पूरी होने के बाद चीन को ब्रिक्स की अध्यक्षता सौंपी गई है| पांचों ब्रिक्स देशों के नेताओं, जिनमें रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन भी शामिल हैं, ने आगामी सितंबर में चीन के शियामेन में होने वाले 9वें शिखर सम्मेलन की तैयारियों और प्राथमिकताओं पर चर्चा की| मुलाकात के बाद विदेश मंत्रालय की ओर से जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, मोदी ने कहा कि ब्रिक्स दुनिया भर में स्थिरता, सुधार, प्रगति तथा उत्तम शासन की सशक्त आवाज है|


न्यूज़पेपर में दिया गया जॉब कोड दिए गए    Textbox में दर्ज करे और जॉब सर्च करे



Quick Links