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हिजबुल मुजाहीदीन के आतंकी बुरहान वानी की मौत को एक साल पूरा होने पर जम्मू एवं कश्मीर के पुलवामा जिले के उसके गृहनगर त्राल में शुक्रवार (7 जुलाई) को कर्फ्यू लगा दिया गया| दक्षिण कश्मीर के जिलों पुलवामा, कुलगाम, शोपियां व अनंतनाग में वानी के समर्थकों के कई जगहों पर सामने आने के बाद अधिकारियों ने त्राल में अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लगाया| कश्मीर घाटी में इंटरनेट पर अगले आदेश जारी होने तक रोक लगा दी गई है| वहीं आतंकियों और अलगाववादियों ने प्रोटेस्ट कैलेंडर जारी किया है| सभी अलगाववादी नेताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है|
शहर की तरफ जाने वाली सभी सड़कों को सील कर दिया गया और प्रतिबंधों को लागू करने के लिए पुलिस व केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) को भारी संख्या में तैनात कर दिया गया है| अमरनाथ यात्रा के तीर्थयात्रियों द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर भारी सुरक्षा व्यवस्था की गई है| इसमें सेना, सीआरपीएफ, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस और सशस्त्र सीमा बल व राज्य पुलिस शामिल हैं|
श्रीनगर के पुराने शहर के इलाकों, बारामूला, सोपोर, पुलवामा, अनंतनाग व कुछ अन्य संवेदनशील जगहों पर आपराधिक प्रक्रिया संहिता की धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है| श्रीनगर के नौहट्टा इलाके में शुक्रवार को जमा मस्जिद में नमाज अदा करने की अनुमति नहीं दी गई, क्योंकि अधिकारियों ने क्षेत्र में प्रतिबंध लागू कर दिया था|
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