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मध्यप्रदेश के सीहोर ज़िले में खेत में एक किसान द्वारा बैल की जगह बेटियों से जुताई करवाने की तस्वीरें सामने आई हैं| किसान का कहना है कि उसके पास बैल खरीदने के पैसे नहीं हैं| तंगहाल किसान के पास बैल खरीदने के पैसे नहीं हैं, वह अपने खेत जोतने के लिए अपनी बेटियों से हल खिंचवाने को मजबूर है|
यह घटना बसंतपुर पांगरी गांव की है और इसकी तस्वीर अपने आप में बहुत कुछ कह रही है| सरदार काहला ने दावा किया कि खेतों में जुताई के लिए बैल खरीदने और उनकी देखभाल के लिए उनके पास पैसा नहीं है|
आर्थिक तंगी के कारण ही उनकी दोनों बेटियों ने पढ़ाई छोड़ दी है पैसों की कमी और पिता की मदद के लिए उन्होंने स्कूल जाना छोड़ दिया| उधर, खेतों में हल जोतने के लिए बेटियों के इस्तेमाल की घटना पर डिस्ट्रिक्ट पब्लिक रिलेशन ऑफिसर (डीपीआरओ) आशीष शर्मा का बयान सामने आया है| उन्होंने कहा कि किसनों को निर्देश दिया गया था कि इस तरह की गतिविधियों के लिए बच्चों का इस्तेमाल ना करें| उन्हें जिस भी तरह की मदद की जरूरत होगी, उन्हें दी जाएगी| प्रशासन मामले को देख रही है| सरकारी योजनाओं के तहत उन्हें मदद मुहैया कराई जाएगी|
गौरतलब है कि मध्य प्रदेश में किसानों की स्थिति अत्यंत दयनीय है| कर्ज के बोझ तले दबे किसानों द्वारा आत्महत्या जैसे कदम उठाए जाने की खबरें आती रहती हैं| हाल ही में किसानों द्वारा पूरे राज्य में आंदोलन भी चलाया गया| इस दौरान हिंसा में कई किसानों को जानें भी गंवानी पड़ी|
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