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पूर्व क्रिकेटर रवि शास्त्री की आज भारतीय क्रिकेट के मुख्य पटल पर उस वक्त शानदार वापसी हुई जब उनको टीम का मुख्य कोच नियुक्त किया गया है| एक साल पहले उनको बड़े ही अप्रत्याशित ढंग से बाहर जाना पड़ा था|
शास्त्री पूर्व स्पिन गेंदबाज अनिल कुंबले का स्थान लेंगे जिन्होंने कप्तान विराट कोहली के साथ मतभेदों के बाद पिछले दिनों कोच का पद छोड़ दिया था| कुंबले और कोहली के मतभेदों की खूब चर्चा हुई थी| भारतीय टीम की गेंदबाजी खासकर पेस बैट्री को मजबूत बनाने के मकसद से पूर्व तेज गेंदबाज जहीर खान को गेंदबाजी का कोच बनाया गया है| किसी समय टीम इंडिया की दीवार रहे द्रविड़ को बल्लेबाजी सलाहकार बनाया गया है, हालांकि वह कुछ खास विदेशी दौरों पर ही वह इस भूमिका का निर्वहन करेंगे|
बीसीसीआई के कार्यवाहक अध्यक्ष सी के खन्ना ने इन नयी नियुक्तियों की पुष्टि करते हुए पीटीआई से कहा, क्रिकेट सलाहकार समिति की सिफारिश पर हमने रवि शास्त्री को मुख्य कोच नियुक्त करने का फैसला किया है जबकि जहीर खान गेंदबाजी के कोच होंगे| उन्होंने कहा कि दक्षिण अफ्रीका, इंग्लैंड और आस्ट्रेलिया जैसे देशों के दौरों के लिए द्रविड़ को बल्लेबाजी सलाहकार के रूप में टीम की मदद करेंगे|
इससे पहले टीम के कोच की नियुक्ति को लेकर नाटकीय घटनाक्रम देखने को मिला जब बीसीसीआई ने मंगलवार को रवि शास्त्री को भारतीय क्रिकेट टीम का कोच नियुक्त किये जाने की खबरों का खंडन कर दिया था|
भारतीय क्रिकेट टीम की कोच की दौड़ में वीरेंद्र सहवाग भी थे| पता चला है कि शास्त्री और सहवाग के बीच कड़ी टक्कर थी, लेकिन कोहली की सिफारिश ने शास्त्री का पलड़ा भारी कर दिया| उच्च पदस्थ सूत्रों ने बताया कि पूर्व कप्तान गांगुली को शास्त्री की नियुक्ति को लेकर आपत्तियां थीं, लेकिन सचिन तेंदुलकर के कहने पर वह मान गए| तेंदुलकर टीम की भावना का सम्मान चाह रहे थे|
यह पता चला है कि शास्त्री को अपनी पसंद का गेंदबाजी कोच नहीं मिला जो भरत अरूण को इस भूमिका के लिए चाहते थे, लेकिन ऐन मौके पर गांगुली पूर्व तेज गेंदबाज जहीर का नाम इस भूमिका के लिए आगे कर दिया|
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