|
|
आनंदपाल एनकाउंटर के 19 वें दिन भी लोगों का गुस्सा शांत नहीं हुआ| लाडनूं तहसील में स्थित आनंदपाल के पैतृक गांव सांवराद में 12 जुलाई को बड़ी संख्या में राजस्थान के कई जिलों के लोग हुंकार रैली में पहुंचे| यहां आनंदपाल के घर में रखे उसके शव पर पुष्पाजंलि देने के बाद सभा में शामिल हुए राजपूत समाज, रावणा राजपूत, करणी सेना अन्य समाजों के लोगों ने आनंदपाल के एनकाउंटर की सीबीआई जांच की मांग को दोहराया|
खुफिया रिपोर्ट मंगलवार रात तक यही दावा किया गया था कि 15 से 20 हजार लोग सांवराद सभा में आएंगे| इसके बावजूद मौके पर 50 हजार से भी ज्यादा लोग पहुंच गए| खुफिया रिपोर्ट के आधार पर जबकि पुलिस के 2500 जवान तैनात किए गए थे हालांकि जिले में 32 स्थानों पर नाके लगाकर वाहनों की जांच की गई थी| इसके बावजूद भीड़ उम्मीद से ज्यादा आने की वजह से मामला नियंत्रण से बाहर हो गया|
दोपहर में आनंदपाल की सभा में पहुंच रहे लोगों पुलिस के बीच सांवराद गांव के बाहर सभा स्थल से करीब 2 किमी दूर बहस ने झगड़े का रूप ले लिया| आक्रोशित युवकों ने पुलिस पर पथराव किया| कुछ वाहन भी क्षतिग्रस्त हुए| जवाब में पुलिस ने लाठीचार्ज कर आंसू गैस छोड़ी| समझाने से मामला शांत हुआ.|सभा के दौरान आनंदपाल सिंह की बेटी योगिता सिंह ने कहा कि उसके पिता की हत्या हुई है|
योगिता सिंह ने अपनी मां के हवाले से बयान देने की बात कही और कहा कि सीबीआई जांच के बिना शव का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे| योगिता सिंह सुखदेव गोगामेड़ी के मंच पर बयान देने की वजह से भी भीड़ में आक्रोश बढ़ गया था| हालांकि इस दौरान कई लोग पहले ही सभा स्थल से चले गए थे, मगर कुछ लोगों के सांवराद रेलवे स्टेशन पहुंचने की वजह से मामला गंभीर हो गया| घायलों में से एक गंभीर घायल को बीच रास्ते में कुचामन अस्पताल पहुंचाया|
मानवाधिकार आयोग ने राज्य सरकार को निर्देश दिए हैं कि 24 घंटे में परिजन आनंदपाल के शव का अंतिम संस्कार नहीं करते हैं तो राज्य सरकार स्वयं शव का अंतिम संस्कार करवाए| इससे पहले बुधवार को दिनभर शव के अंतिम संस्कार को लेकर पुलिस और संघर्ष समिति के बीच बातचीत हुई| लेकिन कोई हल नहीं निकल सका|
|