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बिहार सरकार के महागठबंधन में राष्ट्रपति चुनाव के उम्मीदवार को लेकर बनी गांठ भ्रष्टाचार के मामले में फंसे उपमुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद के इस्तीफे को लेकर और सख्त हो गई है| इस बीच RJD सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने मीडिया से बात करते हुए साफ कह दिया कि तेजस्वी इस्तीफा नहीं देंगे| लालू ले कहा कि सीबीआई की एफआईआर तेजस्वी के इस्तीफे का वाजिब कारण नहीं बनता| जहां तक मेरी और मेरे बच्चों की संपत्तियों का सवाल है, तो उसकी सारी जानकारी पब्लिक डोमेन में हैं|
वहीं शुक्रवार को जदयू की तरफ से कहा गया है कि राजद अपने 80 विधायक होने का घमंड न दिखाए, बल्कि पार्टी के मंत्री तेजस्वी यादव के खिलाफ आरोपों पर तथ्यों के साथ स्पष्टीकरण दें| हालांकि इस मुद्दे को लेकर राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और जनता दल (युनाइटेड) के बीच खिची तलवार को किसी भी दल ने फिर से म्यान में रखने की कोशिश अब तक नहीं की है| वैसे, दोनों दल अपने बयानों से सियासी दांव-पेच भी आजमा रहे हैं|
तेजस्वी के खिलाफ मामला वर्ष 2004 का है, जब वह 14 वर्ष के थे और उनके पिता देश के रेलमंत्री थे| आरोप है कि उन्होंने रेलवे के दो होटल बनवाने का लाइसेंस एक निजी कंपनी को दिलाया और उसके एवज में उन्हें पटना में तीन एकड़ जमीन दी गई| जद (यू) जहां भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति को ही सियासी थाती कहकर इसे पार्टी की मूल पूंजी बताकर राजद पर निशाना साध रही है, वहीं राजद संख्याबल को लेकर जद (यू) पर निशाना साध रही है|
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