Visitors online: 004

नोटबंदी पर राज्यसभा में बहस : विपक्ष ने मढ़ा आर्थिक अराजकता का आरोप, सरकार ने कहा - देशहित में उठाया कदम

Home » Headlines

राज्यसभा में शीतकालीन सत्र के पहले ही दिन एकजुट विपक्ष ने नोटबंदी के मुद्दे को लेकर सरकार पर जबरदस्त हमला बोला और देश में आर्थिक अराजकता फैलाने का आरोप लगाया। विपक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि इस फैसले को कथित रूप से चुनिंदा ढंग से लीक किया गया जिसकी संयुक्त संसदीय समिति से जांच कराई जानी चाहिए। सरकार ने 8 नवंबर के फैसले के लीक होने के विपक्ष के आरोप को आधारहीन बताया और कहा कि इस फैसले से सब लोग हैरत में पड़ गये इसीलिए शुरूआती दिक्कतें आईं।
 
उच्च सदन में नोटबंदी के मुद्दे पर विपक्ष के विभिन्न नोटिसों के बाद कार्य स्थगन पर हुई चर्चा में विपक्ष के तीखे हमलों के जवाब में सरकार ने कहा कि यह कदम राष्ट्रहित में उठाया गया है तथा इससे भ्रष्टाचार एवं कालाधन मिटेगा और आतंकवादी गतिविधियों के लिए मिलने वाले धन पर रोक लगेगी।
चर्चा में भाग लेते हुए कांग्रेस, जदयू, राजद, सपा, बसपा, तृणमूल कांग्रेस, वाम एवं अन्नाद्रमुम ने 500 और 1000 रूपये के नोट वापस लेने के फैसले को लेकर सरकार विशेषकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को निशाने पर लिया और कहा कि यह गलत समय और गलत ढंग से किया गया फैसला है जिससे आम आदमी, गरीब और किसान बुरी तरह प्रभावित हुए हैं।
 
विपक्षी दलों ने आरोप लगाया कि इस फैसले की सूचना पहले से ही भाजपा इकाइयों और Сभाजपा के मित्रोंТ को लीक की गयी और इसकी जांच के लिए संयुक्त संसदीय समिति गठित की जानी चाहिए। दिन भर चली इस अधूरी चर्चा के बीच विपक्ष के नेता गुलामनबी आजाद और बसपा नेता मायावती ने प्रधानमंत्री मोदी की सदन में उपस्थिति की मांग की ताकि वे विपक्ष के नेताओं की बातों को सुन सकें।
 
चर्चा शुरू करते हुए कांग्रेस के उपनेता आनंद शर्मा ने कहा सरकार सबसे पहले यह बताए कि काले धन की परिभाषा क्या है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की अचानक की गई इस घोषणा से देश में आपात स्थिति पैदा हो गई है और लोग बुरी तरह परेशान हैं। शर्मा ने आरोप लगाया कि सरकार ने न केवल आर्थिक अराजकता पैदा की बल्कि नकदी से चलने वाली अर्थव्यवस्था की रीढ़ ही तोड़ दी। शर्मा ने कहा कि दुनिया भर में यह संदेश गया है कि भारतीय अर्थव्यवस्था में काले धन का बोलबाला है। 
 
उन्होंने कहा देश को कृपया कलंकित न करें। उन्होंने कहा सरकार को यह कदम उठाने से पहले कोई समय सीमा बतानी चाहिए थी। आप कहते हैं कि पहले बताने से आतंकियों को, जाली नोट वालों को फायदा होता। लेकिन आपका यह तर्क समझ से परे है। पूर्व की सरकारों ने भी नोटबंदी की है लेकिन तब लोगों को समय दिया जाता था।
 
शर्मा ने कहा कि नोटों की सीमा तय करने से लाखों विदेशी पर्यटकों को बुरी तरह परेशानी हुई। उनके चेक इनकैश तो हो गए लेकिन उनका पैसा वापस नहीं लौटाया गया। आज स्थिति यह है कि उनके देश और दूतावास अपने नागरिकों को परामर्श दे रहे हैं कि भारत सोच समझ कर जाएं। सरकार के इस कदम से आखिर क्या संदेश गया विदेशों में।
 
उन्होंने सरकार पर बिना तैयारी के नोटबंदी करने का आरोप लगाते हुए कहा बैंकों के आगे कतारें और मीयाद दोनों बढ़ रही है। हम सबके बैंकों में खाते हैं और हम कर देते हैं। आपको यह अधिकार किस कानून और संविधान ने दिया कि आप हमें हमारे ही खाते से पैसे निकालने से रोकें। चर्चा के दौरान जेपीसी की मांग करने वालों में कांग्रेस के प्रमोद तिवारी, जदयू नेता शरद यादव, माकपा नेता सीताराम येचुरी और बसपा प्रमुख मायावती शामिल हैं।
भाजपा नेता एवं केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने चर्चा में हस्तक्षेप करते हुए कहा कि भ्रष्टाचार, काला धन और आतंकवाद पर लगाम कसने के उद्देश्य से 500 रूपये और 1000 रूपये के नोटों को अमान्य करने के मोदी सरकार के फैसले का देश ने स्वागत किया है। उन्होंने कहा लेकिन कुछ लोगों का इस बारे में चिंतित होना स्वाभाविक भी है।
 
गोयल ने कहा इस फैसले से देश में ईमानदार का सम्मान हुआ है और बेईमान का नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि इस कदम की वजह से कुछ परेशानी तो होनी ही थी लेकिन इसके बावजूद लोगों ने इस कदम का समर्थन किया है। गोयल ने कहा लेकिन ऐसे लोग भी हैं जो इस कदम से खुश नहीं हैं। यह भ्रष्टाचार, आतंकवाद, नशीली दवाओं के खिलाफ लड़ाई की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है और राजनीतिक दलों को इस पर खुश होना चाहिए। 
चर्चा में भाग लेते हुए रामगोपाल यादव (हाल में सपा से निष्कासित) ने आरोप लगाया कि नोटबंदी संबंधी सूचना लीक हुई और यह एक बड़ा घोटाला है जिसकी जांच की जानी चाहिए। उन्होंने कहा पंजाब में भाजपा के एक नेता ने 2000 रूपये के नए नोट के बारे में ट्वीट किया। यह कैसे हुआ। यह चिंता का विषय और घोटाला है जिसकी जांच की जानी चाहिए।
 
यादव ने नोटबंदी की सूचना लीक होने के संदेह की जांच करने और इसके लिए एक संयुक्त संसदीय समिति गठित किए जाने की मांग की। जदयू के शरद यादव ने नोटबंदी की सूचना लीक होने की आशंका की जांच के लिए जेपीसी गठित करने की मांग करते हुए कहा कि अचानक उठाया गया यह कदम चलती राजधानी ट्रेन से छलांग लगा देने जैसा है।
 
चर्चा में केंद्रीय मंत्री एम वेंकैया नायडू ने भी हस्तक्षेप किया और नोटबंदी के फैसले का जोरदार बचाव करते हुए कहा कि यह ऐतिहासिक कदम कालाधन के खिलाफ युद्ध और महायज्ञ है जिसमें परेशानी उठाने के बाद भी लोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसा कर रहे हैं क्यांेकि उन्हें मोदी और सरकार की नीयत पर भरोसा है।
 
उन्होंने स्वीकार किया कि नोटबंदी के फैसले से लोगों को परेशानी हो रही है लेकिन यह अल्पकालिक है और आगे चलकर इससे देश को तथा उन्हें काफी फायदा होगा। उन्होंने इस परेशानी की तुलना प्रसव वेदना से की और कहा कि आगे चलकर यह काफी लाभकारी कदम साबित होगा। 
 
नायडू ने कांग्रेस पर विशेष रूप से हमला बोला और कहा कि उसे अपनी दुविधा से बाहर आना चाहिए और स्पष्ट करना चाहिए कि वह किन लोगों के साथ है। माकपा के सीताराम येचुरी ने कहा कि देश के 130 करोड़ लोगों में से केवल 2.6 करोड़ लोगों के पास ही क्रेडिट कार्ड है। उन्होंने कहा कि देश की बड़ी आबादी की पहुंच इंटरनेट तक नहीं है। इसलिए स्वीडन जेसे देश की तरह कैशलेस इकोनॉर्मी की बात न ही की जाए तो अच्छा है।
 
येचुरी ने चर्चा में यह भी आरोप लगाया कि वित्त मंत्री ने विदेशी वित्त पोषण के लिए एफसीआरए में संशोधन किया। इस पर हस्तक्षेप करते हुए वित्त मंत्री अरूण जेटली ने कहा कि भारतीय कंपनियों को लाभ पहुंचाने के लिए एक छोटा संशोधन लाया गया था ताकि वे भारतीय खातों में धन डलवा सकें। बसपा की मायावती ने कहा कि सरकार का यह दावा पूरी तरह गलत है कि उसने पूरी तैयारी के साथ यह कदम उठाया। उन्होंने कहा कि सरकार के इस अपरिपक्व फैसले की संयुक्त संसदीय समिति की जांच होनी चाहिये जो समयबद्ध हो।
 
कांग्रेस सदस्य प्रमोद तिवारी ने प्रधानमंत्री मोदी पर तीखा हमला बोला और कहा कि भाजपा के समर्थक ही कह रहे हैं कि यह सरकार पौराणिक पात्र भस्मासर्रुर जैसा आचरण कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार के इस कदम से रबी की फसल बर्बाद हो जाएगी क्योंकि किसान अपने खेतों में समय से बुआई नहीं कर पाएंगे।


рдиреНрдпреВрдЬрд╝рдкреЗрдкрд░ рдореЗрдВ рджрд┐рдпрд╛ рдЧрдпрд╛ рдЬреЙрдм рдХреЛрдб рджрд┐рдП рдЧрдП    Textbox рдореЗрдВ рджрд░реНрдЬ рдХрд░реЗ рдФрд░ рдЬреЙрдм рд╕рд░реНрдЪ рдХрд░реЗ



Quick Links