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आरबीआई ने चेतावनी दी है कि किसी भी अनधिकृत तरीके से नोटों की अदला बदली और जमा कराने का काम करना गैरकानूनी है और इसके खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
आरबीआई ने एक बयान में कहा, "ऐसी खबरें हैं कि कई लोग दूसरे लोगों के लिए नोटों की अदला-बदली करा रहे हैं। कुछ लोग अन्य लोगों के पैसे अपने बैंक खातों में जमा करा कर उनकी मदद भी कर रहे हैं।" आरबीआई ने कहा कि यहां तक कि प्रधानमंत्री जन धन योजना खातों का भी इसके लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। रिजर्व बैंक ने बैंकों से अवैध मुद्रा को बदलने या उसे जमा करने में धोखाधड़ी करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने को कहा। केंद्रीय बैंक ने यह बात ऐसे समय कही है जब लाखों लोग बंद हो चुके 500 और 1,000 रुपये के नोट को बदलने के लिये लाइन में लगे हैं।
बैंकों से यह भी कहा गया है कि वे बदले गये या जमा किये गये नोट के बारे में कम समय में मांगने पर जानकारी उपलब्ध कराने को तैयार रहें। रिजर्व बैंक ने कहा, "यह हमारे नोटिस में आया है कि कुछ जगहों पर कुछ बैंक शाखा के अधिकारी कुछ बदमाशों के साथ मिलकर नोटों को बदलने या उसे जमा करने में धोखाधड़ी में शामिल हैं।" केंद्रीय बैंक ने कहा, ССइसीलिए बैंकों को सलाह दी जाती है कि वे इस प्रकार की धोखाधड़ी वाली गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाकर लगाम लगायें और ऐसी गतिविधियों में शामिल अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करें।"
रिजर्व बैंक ने कहा है कि बैंको को 9 नवंबर के बाद से खाते या लोन अदायगी के लिए जमा कुल राशि में हर नोट का विवरण देना होगा। नोट बदलने वाले हर मामले में बैंकों को ग्राहक और नोट का रिकॉर्ड रखना होगा।
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